'कौन बनेगा करोड़पति' में नजर आ चुकी महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को श्योपुर जिले में हुए बाढ़ राहत घोटाले में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। अमिता सिंह तोमर को गुरुवार को ग्वालियर जिले से गिरफ्तार किया गया। उन पर वर्ष 2021 में श्योपुर जिले की बड़ौदा तहसील में हुए बाढ़ राहत घोटाले में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें श्योपुर की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पड़ोसी शिवपुरी जिले की जेल भेज दिया गया।
श्योपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) सुधीर अग्रवाल ने बताया, "यहां पहले बाढ़ राहत राशि के वितरण में अनियमितता का मामला सामने आया था, जिसकी जांच एसडीओपी बड़ौदा द्वारा की जा रही थी। उस समय की तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को भी आरोपी बनाया गया था और जांच के दौरान उनके खिलाफ आरोप प्रमाणिक पाए गए। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई।"
उन्होंने आगे बताया, "तोमर ड्यूटी से अनुपस्थित थीं। इसके बाद टीम ने उनके बारे में जानकारी जुटाई और आवश्यक सूचना मिलने पर उन्हें ग्वालियर जिले से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें शिवपुरी की महिला जेल भेज दिया गया।" जानकारी के अनुसार, तोमर ने अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया था, लेकिन उनकी याचिकाएं खारिज कर दी गईं।
करीब 2.5 करोड़ रुपये के इस घोटाले में राहत राशि को फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया था। ऑडिट के दौरान अनियमितताएं सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें कुल 110 आरोपियों की पहचान हुई, जिनमें एक तहसीलदार और 25 पटवारी शामिल हैं। अब तक तहसीलदार समेत 22 पटवारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले की आगे की जांच जारी है।