उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल पर केंद्र सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी में कटौती के फैसले का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की। सीएम धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसे “ऐतिहासिक निर्णय” बताते हुए कहा कि इससे बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और आर्थिक बोझ कम होगा।
उन्होंने कहा, “जब-जब देश ने चुनौतियों का सामना किया है, आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दृढ़ नेतृत्व और दूरदर्शी फैसलों से नागरिकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की है। पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर करना और डीजल पर इसे शून्य करना एक ऐतिहासिक निर्णय है, जो आम लोगों को बड़ी राहत देता है। साथ ही डीजल और एटीएफ के निर्यात पर शुल्क लगाकर देश में पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना संतुलित और जनहितैषी दृष्टिकोण को दर्शाता है।”
उन्होंने आगे कहा, “यह निर्णय एक बार फिर साबित करता है कि प्रधानमंत्री के लिए राष्ट्रीय हित और जनकल्याण सर्वोपरि हैं।” केंद्र सरकार ने केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम, 1944 के तहत जारी राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दी है, जबकि डीजल पर इसे शून्य कर दिया गया है। इसके अलावा, डीजल निर्यात पर 21.5 रुपये प्रति लीटर का विंडफॉल टैक्स लगाया गया है।
यह फैसला पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, खासकर अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के चलते लिया गया है, जिसके कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में अवरोध पैदा हुआ है। यह मार्ग दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से के कच्चे तेल की आपूर्ति का प्रमुख रास्ता है। इस संकट से पहले भारत अपने कुल तेल आयात का करीब 12-15% इसी मार्ग से प्राप्त करता था। हालांकि एक्साइज ड्यूटी में कटौती से तेल कंपनियों पर बढ़ते कच्चे तेल के दामों का दबाव कम होने की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल पेट्रोल और डीजल के खुदरा दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि देशभर में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं और पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। साथ ही लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और घबराहट में खरीदारी न करने की अपील की गई है। अधिकारियों के अनुसार, रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। घरेलू एलपीजी उत्पादन भी मांग को पूरा करने के लिए बढ़ा दिया गया है।