
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘आत्मनिर्भर यूपी’ विजन को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से शुक्रवार को नेशनल हाईवे स्थित जीएलए विश्वविद्यालय में ‘यूपी राइज 2026’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 800 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को सिर्फ नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि ‘जॉब क्रिएटर’ यानी रोजगार सृजक बनने के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम में युवाओं को प्रदेश सरकार की विभिन्न रोजगारपरक नीतियों और स्टार्टअप से जुड़े अवसरों की जानकारी भी दी गई।

यूपी राइज की थीम के तहत मथुरा के युवाओं ने अपने स्टार्टअप आइडिया प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में कुल 25 स्टार्टअप आइडिया सामने आए, जिनमें से 8 बेहतरीन आइडिया को शॉर्टलिस्ट किया गया। शॉर्टलिस्ट किए गए प्रतिभागियों ने जूरी और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के सामने अपने आइडिया का प्रेजेंटेशन दिया। इसमें Littlelingos ने प्रथम स्थान हासिल करते हुए 25,000 रुपये का मुख्य पुरस्कार जीता। वहीं Fitted और Dhritam की टीम संयुक्त रूप से उपविजेता रही।

कार्यक्रम में छात्रों को मार्गदर्शन देने के लिए कॉर्पोरेट विशेषज्ञ हर्षित देसाई, डॉ. मधुरिता गुप्ता और राधिका बजोरिया बतौर मेंटर मौजूद रहे। उन्होंने प्रतिभागियों को स्टार्टअप आइडिया को आगे बढ़ाने और उद्यमिता के क्षेत्र में संभावनाओं को समझने के लिए मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम में बताया गया कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश में नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। युवाओं को रोजगारपरक नीतियों की जानकारी देकर उन्हें उद्यमिता की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

कार्यक्रम का शुभारंभ जीएलए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल, कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता, चीफ फाइनेंस ऑफिसर डॉ. विवेक अग्रवाल, कुलसचिव अशोक कुमार सिंह, मुख्य अतिथि सीए पलक राठी और शांतनु गुप्ता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। यूपी राइज कार्यक्रम प्रदेश के 25 शहरों के 30 प्रमुख कॉलेजों में आयोजित किया जाएगा। मथुरा के बाद इसका अगला पड़ाव 21 सितंबर 2026 को बरेली के इनवर्टिस विश्वविद्यालय में होगा
