Delhi: केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने सोमवार को प्लास्टिक उद्योग से अपील की कि वह टिकाऊ (सस्टेनेबल) उत्पादों के निर्माण के लिए आधुनिक तकनीक का अधिक इस्तेमाल करे। वे 5 से 10 फरवरी 2026 तक आयोजित हो रही प्रदर्शनी PLASTINDIA 2026 को संबोधित कर रहे थे।
इस मौके पर चिराग पासवान ने प्लास्टिक इंडस्ट्री स्टेटस रिपोर्ट 2025 जारी की और स्टार्टअप सर्च इनिशिएटिव के विजेताओं को पुरस्कार भी प्रदान किए। यह पहल प्लास्टइंडिया फाउंडेशन और आईआईएम कलकत्ता इनोवेशन पार्क के सहयोग से विकसित की गई है।
मंत्री ने उद्योग जगत से कचरे को कम करने और तकनीक के माध्यम से स्थिरता को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह कदम विकसित भारत के विजन के अनुरूप है। साथ ही उन्होंने प्लास्टिक उद्योग की सराहना की कि वह देश की आर्थिक प्रगति और आत्मनिर्भरता में योगदान दे रहा है।
चिराग पासवान ने उद्योग से यह भी कहा कि गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए।
PLASTINDIA 2026 का आयोजन प्लास्टइंडिया फाउंडेशन द्वारा किया गया है, जिसमें भारत और विदेशों से उद्योग जगत के नेता, वैश्विक खरीदार, नवोन्मेषक और नीति-निर्माता शामिल हुए हैं। यह आयोजन वैश्विक प्लास्टिक वैल्यू चेन में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
प्लास्टइंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष रविश कामथ ने कहा कि यह रिपोर्ट उद्योग की वृद्धि, निर्यात और टिकाऊ बदलाव से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े पेश करती है।
वहीं, PLASTINDIA 2026 की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति के चेयरमैन आलोक तिबरेवाला ने बताया कि स्टार्टअप सर्च इनिशिएटिव नवाचार आधारित और टिकाऊ समाधानों को बढ़ावा देता है। इस पहल के तहत 150 से अधिक आवेदनों में से 10 स्टार्टअप्स को चुना गया और प्रत्येक को 2 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया