उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कैबिनेट का विस्तार कर दिया गया है। इस विस्तार में पांच नए मंत्रियों को शामिल किया गया, जिन्हें राज्यपाल ने शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री धामी भी मौजूद रहे। नए मंत्रियों में खजान दास, भरत सिंह चौधरी, मदन कौशिक, राम सिंह कैड़ा और प्रदीप बत्रा को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है।
खजान दास, जो अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं, देहरादून जिले की राजपुर सीट से लगातार दो बार विधायक चुने जा चुके हैं। वे भुवन चंद्र खंडूरी सरकार में शिक्षा राज्यमंत्री रह चुके हैं और संगठन में भी कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। वर्तमान में वे बीजेपी के प्रवक्ता भी हैं।
भरत सिंह चौधरी, जो ठाकुर समाज से हैं, रुद्रप्रयाग विधानसभा सीट से दो बार के विधायक हैं और करीब चार दशकों से राजनीति में सक्रिय हैं। उन्हें मंत्री बनाकर बीजेपी ने क्षेत्रीय संतुलन साधने का संकेत दिया है। खास बात यह रही कि उन्होंने संस्कृत भाषा में शपथ ली।
मदन कौशिक हरिद्वार से पांच बार के विधायक हैं और बीजेपी के प्रमुख ब्राह्मण चेहरों में गिने जाते हैं। वे पूर्व में मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं तथा वर्तमान में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य हैं। साल 2002 से वे लगातार हरिद्वार सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
प्रदीप बत्रा, जो पंजाबी समाज से आते हैं, हरिद्वार जिले की रुड़की सीट से तीन बार विधायक चुने गए हैं। वे उन नेताओं में शामिल रहे हैं जिन्होंने हरीश रावत सरकार के दौरान कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था। संगठन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
राम सिंह कैड़ा नैनीताल जिले की भीमताल सीट से विधायक हैं। वे पहली बार बीजेपी के टिकट पर विधायक बने हैं, जबकि 2017 में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी। छात्र राजनीति से अपने करियर की शुरुआत करने वाले कैड़ा लंबे समय तक कांग्रेस से भी जुड़े रहे हैं।
इस कैबिनेट विस्तार के जरिए बीजेपी ने सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की है, जिससे आगामी राजनीतिक समीकरणों को भी साधा जा सके।