Breaking News

बैजयंत जय पांडा, डी पुरंदेश्वरी और रेखा वर्मा BJP राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए     |   बीजेपी ने शिव प्रकाश और सौदान सिंह को राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव (संगठन) बनाया     |   PM मोदी ने बीजेपी की नई टीम को बधाई दी, ‘टीम में संगठन का अनुभव, जमीनी जुड़ाव’     |   अमित मालवीय बीजेपी के आईटी सेल और सोशल मीडिया प्रमुख पद से हटाए गए     |   बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दीपक म्हस्के को पार्टी का सोशल मीडिया संयोजक बनाया     |  

ट्विशा शर्मा मौत मामले में CBI ने दाखिल की 636 पन्नों की चार्जशीट, पति और सास आरोपी

ट्विशा शर्मा मौत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने CBI कोर्ट में 636 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और दहेज निषेध अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।

ट्विशा के चचेरे भाई आशीष शर्मा ने कहा कि चार्जशीट में ट्विशा के साथ क्रूरता किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, चार्जशीट और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच अभी जारी है, इसलिए मामले की पूरी जानकारी बाद में सामने आएगी। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने सभी अधिकारियों को दोबारा बुलाया है और CBI के अधिकारी भी वहां मौजूद रहेंगे। 

आशीष शर्मा ने कहा कि CBI की चार्जशीट और उससे जुड़े दस्तावेज औपचारिक रूप से सौंपने की प्रक्रिया अभी चल रही है। दस्तावेजों की समीक्षा की जा रही है, इसलिए फिलहाल यह बताना मुश्किल है कि चार्जशीट में किन-किन बातों का विस्तार से जिक्र किया गया है। उन्होंने कहा कि दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर भी अभी कोई जानकारी नहीं मिली है और शुरुआती दस्तावेजों में इसका उल्लेख दिखाई नहीं दे रहा है। संभव है कि मुख्य दस्तावेजों में इसका जिक्र हो।

उन्होंने बताया कि CBI ने मामले की आगे और गहराई से जांच करने के लिए कोर्ट से अनुमति मांगी है। चार्जशीट में क्रूरता और दहेज निषेध कानून से जुड़े आरोपों का उल्लेख है। आशीष के मुताबिक, CBI ने कुछ आरोपों के संबंध में तथ्य और सबूत पेश किए हैं, जबकि कुछ पहलुओं पर आगे की जांच की मांग की गई है।

जांच के दौरान CBI ने करीब 150 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। आशीष ने कहा कि जांच एजेंसी ने कुछ मामलों में ठोस जानकारी जुटाई है, जबकि कुछ अहम बातें अभी सामने आना बाकी हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़े 2-3 दिनों के फोन कॉल रिकॉर्ड और मामले को दबाने की कोशिश से जुड़े पहलुओं की अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। उन्होंने इसे जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

आशीष शर्मा ने मामले को गंभीर बताते हुए न्यायपालिका से आरोपियों के साथ किसी भी तरह का विशेष व्यवहार नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अदालत और न्याय व्यवस्था को आरोपियों के साथ उसी तरह व्यवहार करना चाहिए, जैसा किसी आम नागरिक के मामले में किया जाता है। उन्होंने गिरिबाला सिंह के खिलाफ भी कानून के अनुसार उचित कार्रवाई किए जाने की उम्मीद जताई।