उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) के चौथे संस्करण में परिवहन विभाग की ओर से सड़क सुरक्षा और तकनीक आधारित परिवहन व्यवस्था की जानकारी दी जा रही है। ग्रेटर नोएडा में लगे विभाग के स्टॉल पर लोगों को विभागीय सेवाओं, वाहन संबंधी नई व्यवस्थाओं और सड़क सुरक्षा उपायों के बारे में बताया जा रहा है।
परिवहन विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि अनधिकृत रूप से संचालित बसों के खिलाफ 28 से 30 सितंबर तक प्रदेशव्यापी ऑपरेशन कवच अभियान चलाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य परिवहन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के साथ सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
ईओएल वाहनों को अधिकृत केंद्र पर स्क्रैप कराने की अपील
अमृत अभिजात ने एनसीआर में वायु प्रदूषण की समस्या को देखते हुए एंड ऑफ लाइफ (ईओएल) वाहनों को अधिकृत स्क्रैप केंद्रों पर स्क्रैप कराने की अपील की। उन्होंने वाहन स्वामियों से कहा कि निर्धारित अवधि पूरी कर चुके पुराने वाहनों को अधिकृत केंद्र तक पहुंचाएं, जिससे पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिल सके।
परिवर्तन पोर्टल से पुराने वाहनों को बदलने का लाभ
परिवहन विभाग ने बीएस-1, बीएस-2, बीएस-3 और बीएस-4 मानक वाले वाहनों के स्वामियों को परिवर्तन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने की अपील की। विभाग की ओर से बताया गया कि इस व्यवस्था के जरिए पात्र वाहन स्वामी पुराने वाहनों को बदलने से संबंधित प्रक्रिया का लाभ उठा सकते हैं।तकनीकी कार्यशाला में सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों को कम करने के लिए यातायात नियमों के पालन पर भी जोर दिया गया। वाहन चालकों से नियंत्रित गति में वाहन चलाने, दोपहिया वाहन पर हेलमेट और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का इस्तेमाल करने की अपील की गई। साथ ही शराब पीकर वाहन न चलाने और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी गई।
52 सेवाएं फेसलेस, 40 सेवाएं ऑटो अप्रूवल मोड में
परिवहन विभाग ने बताया कि जनसुविधा बढ़ाने के लिए उसकी 52 सेवाओं को फेसलेस किया गया है, जबकि 40 सेवाएं ऑटो अप्रूवल मोड में संचालित हो रही हैं। इससे वाहन और परिवहन संबंधी सेवाओं को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने का दायरा बढ़ा है। यूपीआईटीएस में विभाग के स्टॉल पर ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी आधुनिक तकनीक और सिमुलेटर के माध्यम से युवाओं को भी जानकारी दी जा रही है। विभाग का कहना है कि तकनीक के इस्तेमाल से परिवहन सेवाओं को अधिक सुविधाजनक बनाने के साथ सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।