उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की ओर से चयनित 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल रहा। चयनित अभ्यर्थियों ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में उन्हें किसी सोर्स या सिफारिश की जरूरत नहीं पड़ी। उनके मुताबिक योग्यता और मेहनत के आधार पर उनका चयन हुआ और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रही।
आशुतोष त्रिपाठी बोले- निष्पक्षता भर्ती प्रक्रिया में दिखाई दी
प्रयागराज निवासी आशुतोष त्रिपाठी का चयन ग्राम पंचायत अधिकारी पद पर हुआ है। उन्होंने बताया कि भर्ती परीक्षा 2025 में हुई थी और एक साल के भीतर परिणाम जारी हो गया। आशुतोष ने बताया कि उन्हें प्रदेश में प्रथम स्थान मिला है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना उनके लिए खुशी और सौभाग्य का विषय है। आशुतोष के मुताबिक भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता दिखाई दी और बिना किसी हेरफेर के नियुक्ति मिली।
अमित कुमार सिंह बोले- जिसने मेहनत की, उसका चयन हुआ
प्रतापगढ़ निवासी अमित कुमार सिंह का चयन ग्राम पंचायत अधिकारी पद पर हुआ है। उन्हें बरेली में तैनाती मिली है। उन्होंने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रही। उनके मुताबिक चयन में कहीं भी सोर्स या सिफारिश नहीं चली और जिसने मेहनत की, उसका चयन हुआ। अमित ने बताया कि वह बिहार में सरकारी नौकरी के साथ इस परीक्षा की तैयारी भी कर रहे थे। अब अपने ही प्रदेश में नौकरी मिलने से वह खुश हैं।
रूपाली और नेहा ने जताई खुशी
ग्राम पंचायत अधिकारी पद पर चयनित रूपाली गुप्ता को फतेहपुर में तैनाती मिली है। उन्होंने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी हुई। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलने को उन्होंने अपने और परिवार के लिए गर्व का पल बताया। वहीं, नेहा देवी ने कहा कि इस नियुक्ति के लिए उन्हें केवल फॉर्म भरने का खर्च आया और योग्यता व मेहनत के आधार पर नौकरी मिली। उन्होंने मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलने को खुशी का क्षण बताया।
चार साल की तैयारी के बाद मिली सफलता
ग्राम पंचायत अधिकारी पद पर चयनित ओम बघेल ने प्रदेश में दूसरी रैंक हासिल की है। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया के दौरान उनसे किसी ने पैसे की मांग नहीं की और नियुक्ति निष्पक्ष तरीके से हुई। ओम ने बताया कि वह पिछले चार वर्षों से परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना उनके लिए जीवन का यादगार पल है। उन्होंने कहा कि मेहनत करने वाले युवाओं को नियुक्ति पत्र मिल रहे हैं।
आजमगढ़ निवासी मिथिलेश पाल ने भी अपनी सफलता का श्रेय मेहनत को दिया। उन्होंने बताया कि वह चार वर्षों से परीक्षा की तैयारी कर रहे थे और पारदर्शी प्रक्रिया के कारण उनकी मेहनत सफल हुई। चयनित अभ्यर्थियों ने नियुक्ति पत्र मिलने पर खुशी जताते हुए कहा कि सरकारी सेवा में चयन उनके लिए और उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।