भारत में सुनने से जुड़ी समस्याओं को लेकर जागरूकता बढ़ाने और हियरिंग-केयर सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से ‘HEAR INDIA – इंडियाज हियरिंग केयर एंड इनोवेशन समिट’ की शुरुआत की गई है। इसे प्रायोरिटी हियरिंग के फाउंडर डॉ. राज शर्मा और को-फाउंडर डॉ. मणी बंसल ने लॉन्च किया। ‘HEAR INDIA’ को एक वार्षिक राष्ट्रीय मंच के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें ऑडियोलॉजी, ईएनटी, हेल्थकेयर, रिसर्च, हियरिंग टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और उद्योग से जुड़े विशेषज्ञ एक साथ आएंगे।
शुरुआती जांच और इलाज पर जोर
इस पहल का उद्देश्य बच्चों और वयस्कों में सुनने की समस्या की समय पर पहचान और इलाज को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही देश के अलग-अलग हिस्सों में हियरिंग-केयर सुविधाओं और पुनर्वास सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।
‘HEAR INDIA’ के जरिए डॉक्टरों, रिसर्चर्स, हेल्थकेयर लीडर्स, टेक्नोलॉजी कंपनियों और युवाओं को एक मंच पर लाने की योजना है। इसमें हियरिंग-केयर से जुड़ी नई तकनीकों और किफायती उपचार विकल्पों पर भी चर्चा होगी।
नई तकनीक और इनोवेशन को बढ़ावा
आयोजकों के मुताबिक, सुनने की समस्या के क्षेत्र में शुरुआती जांच की कमी, जागरूकता का अभाव और आधुनिक हियरिंग-ऐड व उपचार की लागत जैसी चुनौतियां हैं। ‘HEAR INDIA’ का उद्देश्य इन मुद्दों पर विशेषज्ञों के बीच चर्चा और नए समाधान विकसित करने के लिए सहयोग को बढ़ावा देना है।
डॉ. राज शर्मा ने कहा कि भारत के पास क्लिनिकल टैलेंट, तकनीक और इनोवेशन की क्षमता है। उनके अनुसार भारत न सिर्फ देश के लिए बल्कि दुनिया के लिए भी हियरिंग-केयर से जुड़े समाधान विकसित कर सकता है।
मरीजों की देखभाल पर भी फोकस
डॉ. मणी बंसल ने कहा कि तकनीक में प्रगति के साथ बीमारी की समय पर पहचान, सही क्लिनिकल विशेषज्ञता और मरीजों की देखभाल भी जरूरी है। उन्होंने मरीज-केंद्रित उपचार को हियरिंग-केयर के केंद्र में रखने पर जोर दिया।
देशभर में जागरूकता बढ़ाने का लक्ष्य
‘HEAR INDIA’ People, Practice, Progress और Possibilities के चार मूल सिद्धांतों पर आधारित है। आयोजकों का लक्ष्य इसे केवल एक कॉन्फ्रेंस तक सीमित न रखकर सुनने की समस्या को लेकर देशभर में जागरूकता का मंच बनाना है। इस पहल के जरिए बेहतर सुनने, बेहतर संवाद और बेहतर जीवनशैली के लिए लोगों को जागरूक करने के साथ हियरिंग-केयर क्षेत्र में रिसर्च, तकनीक और विशेषज्ञों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने की योजना है।