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यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में छाए 60 स्टार्टअप्स, ड्रोन और डीपटेक इनोवेशन बने आकर्षण

उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 (UPITS-26) में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन का पवेलियन स्टार्टअप्स के नए उत्पादों और तकनीकी नवाचारों का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। स्टार्टअप मिशन के तहत अलग-अलग क्षेत्रों के 60 स्टार्टअप्स ने अपने उत्पाद और तकनीकी समाधान प्रदर्शित किए हैं। पिछले तीन दिनों में 5,000 से अधिक विजिटर्स पवेलियन का दौरा कर चुके हैं।

अलग-अलग सेक्टर के 60 स्टार्टअप्स ने दिखाए इनोवेशन

यूपी स्टार्टअप मिशन के सीईओ सुमित महाजन ने बताया कि पवेलियन में आईटी-आईटीईएस, हेल्थटेक, एडटेक, कृषि, डीपटेक और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र से जुड़े 60 स्टार्टअप्स शामिल हुए हैं। विजिटर्स ने स्टार्टअप्स के उत्पादों, तकनीकी समाधानों और नए प्रयोगों के बारे में जानकारी ली। पवेलियन में भारत इनोवेट्स के लिए चयनित छह स्टार्टअप्स ने भी अपने नवाचार प्रदर्शित किए। इसके अलावा यूपी स्टार्टअप फंड से वित्त पोषित छह स्टार्टअप्स ने भी अपने उत्पाद और तकनीक पेश की।

एलएंडटी सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी के सीईओ संदीप कुमार ने भी स्टार्टअप पवेलियन का दौरा किया। उन्होंने स्टार्टअप फाउंडर्स से बातचीत कर उनके काम और तकनीकी नवाचारों की जानकारी ली और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

सौर ऊर्जा से उड़ान भर रहा ‘तेजस्वान’

ट्रेड शो में रक्षा तकनीक और डीपटेक से जुड़े कई नवाचार भी प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें आईआईटी कानपुर की डीपटेक स्टार्टअप मराल एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड का सौर ऊर्जा से संचालित अल्ट्रा लॉन्ग एंड्योरेंस यूएवी ‘तेजस्वान’ शामिल है।

यह फिक्स्ड विंग विमान सौर ऊर्जा और बैटरी के संयोजन से संचालित होता है और करीब 12 घंटे तक लगातार उड़ान भरने में सक्षम बताया गया है। इसमें GPS स्पूफिंग-रोधी नेविगेशन और मल्टी-बैंड रेडियो आधारित इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर हार्डनिंग जैसी तकनीकें शामिल हैं।

‘तेजस्वान’ की रेंज करीब 150 किलोमीटर है, जिसे जरूरत के अनुसार 250 किलोमीटर तक बढ़ाया जा सकता है। इसका टेक-ऑफ वजन 60 किलोग्राम से कम है और यह 5 किलोग्राम तक पेलोड ले जा सकता है। इसका इस्तेमाल निगरानी, संचार, लक्ष्य निर्धारण, समुद्री निगरानी और खोज एवं बचाव अभियानों में किया जा सकता है।

1,000 किलोमीटर तक की रेंज वाला ‘काल’ ड्रोन

रक्षा तकनीक के क्षेत्र में ‘काल’ ड्रोन भी विजिटर्स के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसे वन-वे अटैक ड्रोन प्रणाली के रूप में प्रदर्शित किया गया है। इसके बारे में बताया गया कि यह करीब 1,000 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है और 7 से 8 घंटे तक उड़ान में रह सकता है।

इसका अधिकतम टेक-ऑफ वजन 200 किलोग्राम और पेलोड क्षमता 50 किलोग्राम तक बताई गई है। इसकी क्रूज स्पीड 160 किलोमीटर प्रति घंटा और अधिकतम गति 200 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है।

‘निंबसस्कोप’ आठ घंटे तक रह सकता है हवा में

बेंगलुरु स्थित न्यूमेस रिसर्च एंड टेक्नोलॉजीज ने अपना टेथर्ड इलेक्ट्रिक यूएवी ‘निंबसस्कोप’ भी प्रदर्शित किया है। यह जमीन से जुड़े तार के जरिए बिजली प्राप्त करता है और लगातार करीब आठ घंटे तक हवा में स्थिर रहकर निगरानी कर सकता है।

ड्रोन मोड में इसकी अधिकतम ऊंचाई 110 मीटर AGL और फील्ड एलीवेशन 5,500 मीटर AMSL तक बताई गई है। बिना टेदर के यह करीब 45 मिनट तक 10 किलोमीटर की रेंज में उड़ान भर सकता है। इसमें 256-बिट AES एन्क्रिप्शन, हाई-बैंडविड्थ वीडियो डाउनलिंक और सुरक्षित RF लिंक जैसी सुविधाएं बताई गई हैं। इसे सर्विलांस, टोह लेने और आपदा प्रबंधन जैसे कार्यों के लिए उपयोगी बताया गया है।

स्वदेशी नैनो और माइक्रो ड्रोन भी प्रदर्शित

ट्रेड शो में IDR के स्वदेशी नैनो और माइक्रो ड्रोन भी प्रदर्शित किए गए। इनमें ‘अभ्यास MK-1’ एक लंबी अवधि वाला माइक्रो FPV ड्रोन है, जिसकी करीब 40 मिनट की उड़ान क्षमता बताई गई है। इसे ऑपरेटरों के प्रशिक्षण के लिए तैयार किया गया है।

वहीं, IDR का टैक्टिकल नैनो ड्रोन सैनिकों से आगे बढ़कर वास्तविक समय की खुफिया जानकारी उपलब्ध कराने में सक्षम बताया गया है। इस तरह UPITS-26 में स्टार्टअप्स के साथ रक्षा तकनीक और डीपटेक से जुड़े कई स्वदेशी नवाचार भी विजिटर्स के लिए प्रदर्शित किए जा रहे हैं।