मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 11 नवचयनित ग्राम पंचायत अधिकारियों को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र सौंपे। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्टूबर के पहले सप्ताह से फिर नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। उन्होंने नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों और उनके परिवारों को बधाई दी।
सीएम योगी का सपा पर निशाना
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने उनके अनुसार युवाओं, पिछड़ों और दलितों को योजनाओं से वंचित किया, वे अब नए स्लोगन के साथ अलग रूप में सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को ऐसे राजनीतिक दावों से सावधान रहने की जरूरत है।
सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार में सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर दिया गया है। उनके मुताबिक, अब तक करीब साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नियुक्तियां दी जा चुकी हैं।
यूपी में कानून व्यवस्था पर सीएम योगी का बयान
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले युवाओं में नौकरी को लेकर निराशा थी और योग्यता के बावजूद कई युवाओं को अवसर नहीं मिल पाता था। उन्होंने कहा कि सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर दिया है।
कानून व्यवस्था का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि अब प्रदेश में आम नागरिक बिना डर के रह सकता है और अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
भगत सिंह की जयंती का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने 28 सितंबर को शहीद भगत सिंह की जयंती का जिक्र करते हुए कहा कि भगत सिंह ने 23 वर्ष की उम्र में देश के लिए बलिदान दिया था। उन्होंने कहा कि आज नियुक्ति पत्र पाने वाले कई युवाओं की उम्र भी 20 से 27 वर्ष के बीच है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 28 सितंबर 2023 को उत्तर प्रदेश के 57,600 से अधिक गांवों ने ओडीएफ प्लस का लक्ष्य हासिल किया था। उन्होंने यह भी कहा कि 2017 के बाद प्रदेश में 3.32 करोड़ से अधिक शौचालय बनाए गए हैं।
ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतों को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की जरूरत है। उन्होंने ग्राम पंचायत अधिकारियों को गांवों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला बताया।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में अब ग्राम सचिवालय, डिजिटल लाइब्रेरी और कॉन्फ्रेंस रूम जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी, लेखपाल और बीसी सखी समेत अन्य लोग लोगों को स्थानीय स्तर पर सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, अन्नपूर्णा भवन, फेयर प्राइस शॉप, वेयरहाउस और सामुदायिक शौचालय जैसी व्यवस्थाओं से गांवों में रोजगार के अवसर भी बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव में स्थानीय स्तर पर कई रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं।
ग्राम पंचायत की आय बढ़ने पर मिलेगी अतिरिक्त राशि
सीएम योगी ने कहा कि ग्राम पंचायतें अपनी आय बढ़ा सकती हैं। जो ग्राम पंचायत जितनी आय अर्जित करेगी, सरकार की ओर से उसे उतनी ही अतिरिक्त धनराशि देने की व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने से ही गांवों के विकास को गति मिलेगी। युवाओं से उन्होंने गांवों में नए आइडिया और इनोवेशन के साथ काम करने की अपील की।
स्वच्छता और पेयजल व्यवस्था पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्वच्छता और शुद्ध पेयजल को गांवों के स्वास्थ्य से जोड़ते हुए कहा कि सरकार हर घर नल योजना के माध्यम से गांवों तक पेयजल पहुंचाने पर काम कर रही है।
उन्होंने युवाओं को प्लंबिंग जैसी तकनीकी ट्रेनिंग देने की बात कही, ताकि गांवों में पानी की व्यवस्था से जुड़ी छोटी समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर किया जा सके।
ओम प्रकाश राजभर और सूर्य प्रताप शाही ने भी रखी बात
कार्यक्रम में पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पिछली सपा सरकार पर सरकारी नौकरियों में लेनदेन के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अब बिना भेदभाव और लेनदेन के सरकारी नियुक्तियां हो रही हैं। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है।
कार्यक्रम में महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, मुकेश शर्मा, डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, विधायक डॉ. नीरज बोरा, जय देवी, अमरेश कुमार और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एसएन साबत समेत अन्य लोग मौजूद रहे।