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Delhi: खरगे की टिप्पणी के बाद गुजराती समुदाय के लोगों में आक्रोश, कांग्रेस कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन

Delhi: गुजराती समुदाय के सदस्यों ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के हाल में केरल में चुनाव प्रचार के दौरान की गई टिप्पणी के विरोध में बुधवार को प्रदर्शन किया। केरल के इडुक्की जिले में रविवार को एक रैली के दौरान खरगे ने कहा कि राज्य के लोग ‘‘शिक्षित और समझदार’’ हैं और उन्हें गुमराह नहीं किया जा सकता है, जबकि गुजरात और कुछ अन्य स्थानों के लोग ‘‘अशिक्षित’’ हैं। उनकी इस टिप्पणी के बाद विवाद शुरू हो गया।

प्रदर्शनकारियों ने ‘‘अपमान की राजनीति बंद करो’’ और ‘‘गुजरात जाग चुका है’’ जैसे नारे लगाए और समुदाय के खिलाफ कथित ‘‘अपमानजनक टिप्पणियों’’ पर रोष व्यक्त किया। बीजेपी के नेताओं और गुजराती संगठनों के सदस्यों ने प्रदर्शन में भाग लिया और कांग्रेस नेतृत्व से माफी की मांग की। गुजरात के वंसदा से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक धवल पटेल ने आरोप लगाया कि ये टिप्पणियां विपक्षी नेताओं द्वारा ‘‘गुजराती लोगों का अपमान करने’’ के एक पैटर्न को दर्शाती हैं।

उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य के पूर्व के बयानों का हवाला देते हुए दावा किया कि ऐसी टिप्पणियों ने देश भर में समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। आणंद से सांसद मितेश पटेल ने कहा कि सामुदायिक समूहों की अपील के बाद गुजराती लोग दिल्ली में एकत्रित हुए हैं।

महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे नेताओं के योगदान का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि गुजरात ने देश के इतिहास और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि खरगे के बयान के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक खरगे और अन्य कांग्रेस नेता माफी नहीं मांग लेते। इस प्रदर्शन पर कांग्रेस की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।