कॉकरोच जनता पार्टी जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत डिपके ने बुधवार को चुनाव आयोग के खिलाफ ‘जेल भरो आंदोलन’ शुरू करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन की शुरुआत 2 अक्टूबर, गांधी जयंती के दिन मुंबई के शिवाजी पार्क से होगी। डिपके ने सभी राजनीतिक दलों से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की।
मुंबई पहुंचने के बाद डिपके ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग का कामकाज देश के हित में नहीं है और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक रूप से आवाज उठाने की जरूरत है।
डिपके ने एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार की ओर से चुनावों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कथित दुरुपयोग को लेकर दिए गए बयान का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए सभी को साथ आना चाहिए।
4 अक्टूबर को विरोध मार्च का ऐलान
यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब विपक्षी दल मतदाता सूचियों के Special Intensive Revision (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध कर रहे हैं।
इससे पहले मंगलवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। दोनों नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ 4 अक्टूबर को विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया। यह मार्च भायखला से शुरू होकर BMC मुख्यालय तक जाएगा।
राज ठाकरे ने कहा कि उनकी पार्टी कई वर्षों से EVM और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाती रही है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से विरोध मार्च में शामिल होने की अपील की। राज ठाकरे ने CJP के प्रस्तावित ‘जेल भरो आंदोलन’ को भी समर्थन देने की बात कही। उन्होंने कहा कि MNS इस आंदोलन को पूरा समर्थन देगी।