केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में दिल्ली के बारापुल्ला फेज-3 कॉरिडोर का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने दिल्ली में करीब 1,941 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न कनेक्टिविटी परियोजनाओं का भी उद्घाटन और लोकार्पण किया।
बारापुल्ला फेज-3 कॉरिडोर के शुरू होने से मयूर विहार फेज-1 और सराय काले खां के बीच सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी मिलेगी। यह कॉरिडोर एम्स और दक्षिण दिल्ली की ओर जाने वाले मार्गों से भी कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा।
10 साल से ज्यादा समय से अधूरा था प्रोजेक्ट: रेखा गुप्ता
उद्घाटन से पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने परियोजना में देरी को लेकर पिछली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार को बजट मिलने के बावजूद जमीन अधिग्रहण और पेड़ काटने की जरूरी अनुमति नहीं ली गई थी।
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि परियोजना का काम शुरू तो किया गया, लेकिन इसे 10 से 11 साल से ज्यादा समय तक पूरा नहीं किया जा सका। उन्होंने दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा की भूमिका की भी सराहना की और कहा कि उन्होंने परियोजना को पूरा कराने के लिए अपने अधिकारों का इस्तेमाल किया।
2014 में मंजूर हुआ था प्रोजेक्ट
बारापुल्ला फेज-3 परियोजना को 2014 में मंजूरी मिली थी और 2015 में इसका काम शुरू हुआ था। इसे मूल रूप से 2017 तक पूरा किया जाना था, लेकिन कई कारणों से परियोजना में देरी हुई। परियोजना की संशोधित लागत करीब 1,635 करोड़ रुपये है। इस कॉरिडोर के पूरा होने के बाद मौजूदा बारापुल्ला कॉरिडोर के साथ मिलकर इसकी कुल लंबाई करीब 9 किलोमीटर हो जाएगी।
यमुना पर बना एक्स्ट्रा-डोज्ड ब्रिज
परियोजना के तहत एलिवेटेड कॉरिडोर, दोनों रैंप और यमुना नदी पर एक्स्ट्रा-डोज्ड ब्रिज का निर्माण पूरा हो चुका है। कॉरिडोर में साइकिल चालकों के लिए अलग ट्रैक और पैदल यात्रियों के लिए सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।
यमुना के प्राकृतिक प्रवाह को प्रभावित न करने के लिए पुल में करीब 125 मीटर लंबे पिलर स्पैन बनाए गए हैं। इसके डिजाइन का उद्देश्य नदी के सक्रिय क्षेत्र में निर्माण के हस्तक्षेप को कम करना और पर्यावरणीय प्रभाव को सीमित करना है।
पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी होगी बेहतर
बारापुल्ला फेज-3 कॉरिडोर से दिल्ली के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों के बीच आवाजाही आसान होने की उम्मीद है। परियोजना का उद्देश्य व्यस्त मार्गों पर यातायात को सुगम बनाना और वाहन चालकों के साथ पैदल यात्रियों व साइकिल चालकों के लिए सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना है।