उत्तर प्रदेश में SIR की समय-सीमा एक महीने के लिए बढ़ा दी गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि अब नागरिक 6 मार्च तक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। पहले इसकी आज समय-सीमा समाप्त हो रही थी, लेकिन अब जनता को एक महीने का अतिरिक्त मौका दिया गया है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद, 10 अप्रैल 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। चुनाव आयोग का यह कदम पारदर्शी चुनाव की दिशा में अहम है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी, ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि फॉर्म-6 के आवेदन लगातार बढ़ रहे हैं, क्योंकि बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जिनके नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं थे और वे अब लगातार आवेदन कर रहे हैं। मैपिंग के दौरान लगभग 1 करोड़ 4 लाख लोग ऐसे पाए गए जिनमें तार्किक विसंगतियां थीं, इसलिए उन्हें सूची में शामिल नहीं किया गया। इन सभी को अब नोटिस भेजे जा रहे हैं। कुल 3 करोड़ 26 लाख लोगों को नोटिस भेजे जाने हैं। अब तक 2 करोड़ 37 लाख नोटिस जनरेट किए जा चुके हैं।
इनमें से 86 लाख नोटिस मतदाताओं को वितरित किए जा चुके हैं। 30 लाख 30 हजार मतदाताओं की सुनवाई पूरी हो चुकी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी बताया कि दावा-आपत्ति की अवधि को एक माह बढ़ाकर 6 मार्च तक कर दिया गया है। मैपिंग से जुड़े सभी नोटिसों की प्रक्रिया 27 मार्च तक पूरी की जाएगी। अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल को प्रकाशित की जाएगी।