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UP: नई सड़कों का फैला जाल, सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में कायम हुई मिसाल

Uttar Pradesh: 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के यूपी की सत्ता संभालने के बाद उत्तर प्रदेश ने रोड कनेक्टिविटी को लेकर पूरे देश में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इसकी वजह है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालते ही राज्य की सड़कों के चौड़ीकरण, सड़क की मजबूती और समय पर मरम्मत कराने पर विशेष ध्यान दिया है। आज की तारीख में प्रदेश में रोजाना औसतन 11 किलोमीटर नए रास्ते बन रहे हैं और 9 किलोमीटर सड़कों का चौड़ाकरण किया जा रहा है। अप्रैल 2017 से अब तक ग्रामीण इलाकों में 32,074 किलोमीटर सड़कें बन चुकी हैं और 25,000 किलोमीटर सड़कें मजबूत हुई हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच से प्रदेश की रोड कनेक्टिविटी में जबरदस्त सुधार हुआ। इससे यातायात, व्यापार, शिक्षा और चिकित्सा सेवाएं आसान हुई हैं। योगी सरकार ने मेट्रो कनेक्टिविटी को भी मजबूती दी। लखनऊ मेट्रो राजधानी की लाइफलाइन कहलाती है। राज्य के दूसरे बड़े शहरों में भी मेट्रो परियोजनाओं ने रफ्तार पकड़ी है। इसके साथ ही देश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे संचालित करने वाला यूपी पहला प्रदेश है और इसी के चलते उत्तर प्रदेश को 'एक्सप्रेसवे प्रदेश' के तौर पर नई पहचान भी मिली है।

एक ओर जहां पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, आज उत्तर प्रदेश की यात्रा को सुगम बना रहे हैं। वहीं गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे का काम तेजी से जारी है और अपने अंतिम चरण में है।  लखनऊ-कानपुर और मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे जैसी सड़क परियोजनाएं भी साकार हो रही हैं। इनसे दूसरे राज्यों के साथ भी प्रदेश की रोड कनेक्टिविटी पहले से बेहतर हो रही है।

आठ साल में यूपी में 46 नए राष्ट्रीय मार्गों के तहत 4,115 किलोमीटर और 70 नए राज्य मार्गों में 5,604 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जा चुका है। इसके अलावा 57 प्रमुख जिला मार्गों के रूप में 2,831 किलोमीटर सड़क बनाने की घोषणा की गई है। इसके चलते उत्तर प्रदेश का रोड नेटवर्क देश के सबसे बड़े रोड नेटवर्क में शामिल हो गया है।