Telangana: निलंबित बीआरएस एमएलसी के. कविता ने सोमवार को अपने पिता के. चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली पार्टी पर हमला बोलते हुए तेलंगाना में पिछली पार्टी के शासनकाल के दौरान भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और बीआरएस संविधान को "मजाक" बताया। विधान परिषद में बोलते हुए कविता ने ये भी कहा कि बीआरएस शासनकाल के दौरान लिए गए कुछ अलोकप्रिय निर्णयों में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
कविता ने पिछले साल सितंबर में बीआरएस से निलंबित होने के तुरंत बाद एमएलसी पद से इस्तीफा दे दिया था, उन्होंने परिषद अध्यक्ष गुथा सुखेन्द्र रेड्डी से अपना इस्तीफा स्वीकार करने की भी अपील की थी। बीआरएस से अपने निलंबन से जुड़ी घटनाओं को याद करते हुए उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने उन्हें निलंबित किया, उसकी अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति रातोंरात गठित हो गई और कारण बताओ नोटिस जारी करने जैसी कोई प्रक्रिया नहीं अपनाई गई।
उन्होंने कहा, "उन्होंने अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति का हवाला दिया। राष्ट्रीय स्तर पर काम करने की चाह रखने वाली बीआरएस का संविधान मात्र आठ पन्नों का है। मैं आज हिम्मत से कह रही हूं कि बीआरएस पार्टी का संविधान एक मजाक है।"
अपने निलंबन में किसी भी प्रक्रिया का पालन न किए जाने का दावा करते हुए उन्होंने कहा, "ये पार्टी चलाने का तरीका बिल्कुल नहीं है।" अपने पिता केसीआर के नेतृत्व वाली बीआरएस सरकार के दौरान कलेक्ट्रेट भवनों के निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सिद्दिपेट और सिरिसिला स्थित भवन भारी बारिश में डूब गए थे।
कविता ने कहा, "उन्होंने सरकार में हो रहे भ्रष्टाचार को उनके संज्ञान में लिया था। अमर ज्योति, अंबेडकर प्रतिमा, सचिवालय से लेकर कलेक्ट्रेट तक, यह सच है कि भ्रष्टाचार हुआ। इसका सबसे बड़ा उदाहरण वे दो कलेक्ट्रेट हैं जो निर्माण के बाद पहली बारिश में ही जलमग्न हो गए थे।" अमर ज्योति (तेलंगाना के गठन के लिए बलिदान देने वालों की स्मृति में), अंबेडकर की विशाल प्रतिमा, नया सचिवालय परिसर और नए जिला कलेक्टर कार्यालय भवन बीआरएस शासनकाल के दौरान बनाए गए थे।
सितंबर 2025 में कविता को बीआरएस से निलंबित कर दिया गया था, जब उन्होंने अपने चचेरे भाइयों और पार्टी नेताओं हरीश राव और जे. संतोष कुमार पर बीआरएस शासनकाल के दौरान निर्मित कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना को लेकर अपने पिता केसीआर की छवि "खराब" करने का आरोप लगाया था।
निलंबन के बाद से वो तेलंगाना जागृति नामक अपने नेतृत्व वाले सांस्कृतिक संगठन के बैनर तले सार्वजनिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। बीआरएस और सत्ताधारी कांग्रेस दोनों पर "भ्रष्टाचार और अनियमितताओं" का आरोप लगाते हुए कविता ने 12 दिसंबर को कहा कि वो एक दिन मुख्यमंत्री बनेंगी और 2014 में तेलंगाना के गठन के बाद से हुए सभी "अन्यायों" की जांच करेंगी।