Madhya pradesh: मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर बुधवार को इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से प्रभावित 18 परिवारों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा दिया गया। इंदौर के जिलाधिकारी शिवम वर्मा ने ये भी बताया कि भागीरथपुरा इलाके के लोगों को अब साफ पीने का पानी मिल रहा है। वर्मा ने कहा कि भागीरथपुरा इलाके में नगर निगम के नर्मदा पानी की टंकी से पानी की आपूर्ति की लगातार जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा, "भागीरथपुरा में साफ पीने का पानी दिया जा रहा है। बोरिंग लाइन में क्लोरीन मिलाया गया है और पानी की लगातार जांच की जा रही है। नर्मदा टंकी की लाइन में क्लोरीन मिलाया किया जा रहा है। इसके बाद बचे हुए क्लोरीन की जांच की जाएगी। हम टंकी की लाइन को फिर से खोलने पर काम करेंगे। हम स्थिति को सामान्य करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। 18 परिवार प्रभावित हुए हैं और उन्हें मुख्यमंत्री के निर्देश पर हर परिवार को दो लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है।"
नगर निगम के अधिकारियों ने लोगों को नर्मदा वॉटर टैंक से पानी इस्तेमाल न करने का भी निर्देश दिया है।