Rajasthan: राजस्थान के कई हिस्सों में भारी बारिश की वजह से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। राज्य की राजधानी जयपुर सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाकों में से एक है। शहर जगह-जगह जलभराव, यातायात जाम और जल निकासी की मुश्किल से जूझ रहा है। इससे शहर के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर ब्रेक लग गया है।
त्रिमूर्ति सर्किल से अल्बर्ट हॉल तक और जेके लोन अस्पताल के बाहर की सड़कों समेत कई प्रमुख सड़कें पानी में डूबी हुई हैं। यहां तक कि हवा महल जैसी मशहूर जगह और चांदी की टकसाल जैसे आस-पास के इलाके भी पानी-पानी दिख रहे हैं। निवारी रोड जैसे इलाकों में रहने वाले लोगों का कहना है कि वे जलभराव की समस्या से कई साल से जूझ रहे हैं लेकिन इसे दूर करने के लिए प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाए गए।
सवाई माधोपुर में रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाने से रेल सेवाएं बाधित हो गईं। इससे काफी देरी हुई है और बड़ी संख्या में यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। वहीं धौलपुर में भारी बारिश की वजह से चंबल नदी उफान पर है और वो खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
प्रशासन ने आस-पास के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों से नदी के किनारों से दूर रहने की अपील की है। लगातार बढ़ते पानी की वजह से कई गांवों का संपर्क पहले ही टूट चुका है। जयपुर के मौसम विज्ञान केंद्र ने छह जिलों कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़ में बहुत ज्यादा भारी बारिश होने का अनुमान जताते हुए 'रेड अलर्ट' जारी किया है। अलर्ट के मद्देनजर एहतियात के तौर पर बुधवार को 15 जिलों में स्कूल बंद रहे।