भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने बुधवार को मुंबई में कहा कि वे चोट से अच्छी तरह उबर रहे हैं और उन्हें जल्द से जल्द प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में लौटने की उम्मीद है। पंत ‘वर्ल्ड पिकलबॉल लीग’ के कार्यक्रम में मुंबई पिकल पावर के सह-मालिक के तौर पर मौजूद थे।
उन्होंने कहा कि वे बेंगलुरू में बीसीसीआई ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ में कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘दिन प्रतिदिन मेरी फिटनेस बेहतर हो रही है। मैं ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ में कड़ी मेहनत कर रहा हूं और मुझे लगता है कि मैं जल्द ही (मैदान पर) वापसी करूंगा।’’
अठाईस वर्षीय खिलाड़ी ने चोट के बाद लंबे समय तक उबरने की प्रक्रिया और ‘रिहैबिलिटेशन’ के दौरान खेल से जुड़े रहने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्रिकेट के प्रति उनके जुनून और लोगों के समर्थन ने उन्हें उबरने की प्रक्रिया के चरणों में मदद की।
उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं चोटिल होता हूं तो एक चीज जो मुझे हमेशा खेल के करीब रखती है, वह है खेल के प्रति प्यार और आसपास के लोगों का समर्थन।’’ पंत ने एक पेशेवर क्रिकेटर के तौर पर लगातार सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘एक क्रिकेटर के तौर पर, आपको हमेशा अपने खेल में कुछ न कुछ जोड़ते रहना होता है। मुझे अपने खेल के हर पहलू में बेहतर होने की कोशिश करते रहना होगा।’’ पंत अपने करियर में कई बार वापसी कर चुके हैं और इसके बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि मैदान से दूर रहने के दौरान उन्हें क्रिकेट और जीवन दोनों के प्रति एक अलग नजरिया विकसित करने में मदद की है।
हालांकि उन्होंने माना कि शीर्ष स्तर की प्रतिस्पर्धा से दूर रहना सबसे मुश्किल हिस्सा है। उन्होंने कहा, ‘‘हर वापसी ने मुझे जीवन के बारे में कुछ सिखाया है। इसने मुझे और अधिक कृतज्ञता सिखाई है, आप अपने आसपास की चीजों को कैसे देखते हैं, और आपको सच में जो खुश करता है, कुछ ऐसा करने के लिए प्रतिबद्ध होना।’’
पंत ने कहा, ‘‘चोटिल होने पर मुझे सबसे ज्यादा इस चीज की कमी खलती है कि मैं खेल का आनंद नहीं ले पाता। आप खेल से बहुत प्यार करते हैं, लेकिन आप शीर्ष स्तर पर खेलते हुए इसका आनंद लेते हैं। मुझे इसकी कमी खलती है।’’ पंत 10 जनवरी से भारतीय टीम से बाहर हैं। उन्हें वडोदरा में एक अभ्यास सत्र के दौरान चोट (साइड स्ट्रेन) लगी थी।