West Asia crisis: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि अमेरिका और ईरान संघर्ष को खत्म करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि अमेरिका ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले को अब पांच दिन के लिए टाल देगा। इसके लिए उन्होंने "बहुत अच्छी" चर्चाओं का हवाला दिया।
वहीं ईरान के अधिकारियों ने ऐसी किसी भी बात से साफ इनकार किया और कहा कि ‘‘ईरान की कड़ी चेतावनी के बाद’’ अमेरिकी राष्ट्रपति ने पीछे हटने का फैसला किया। हालांकि कई विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप के दावे में कुछ सच्चाई है।
ट्रंप की बातों का वैश्विक बाजार पर तुरंत असर पड़ा। उनके ऐलान के बाद तेल की कीमतें कम हो गईं। लेकिन ईरान के दावे को खारिज करने के बाद, सवाल बने हुए हैं कि क्या यह उम्मीद जल्दबाजी है? कुछ विश्लेषकों ने उम्मीद जताई है कि अगर ये वार्ताएं होती हैं, तो इससे पश्चिम एशिया में कुछ हद तक शांति लौट सकती है।
जमीनी स्तर पर अनिश्चितता बनी हुई है। विश्लेषकों के मुताबिक, अमेरिका के प्रमुख सैन्य उद्देश्य अभी भी पूरे नहीं हुए हैं। इस बीच, इस क्षेत्र में और ज्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात किए जा रहे हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि कूटनीति की चर्चाओं के बावजूद, यह संघर्ष अभी खत्म होने से कोसों दूर है।