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विंग्स इंडिया 2026 भारत के बढ़ते सिविल एविएशन सपनों के लिए दुनिया का गेटवे हैं

Telangana: हैदराबाद में चल रहे विंग्स इंडिया 2026 में भारत की नागरिक उड्डयन (सिविल एविएशन) क्षेत्र में बढ़ती ताकत और वैश्विक महत्व साफ दिखाई दे रहा है। यह चार दिवसीय सम्मेलन बेगमपेट एयरपोर्ट पर आयोजित किया जा रहा है।

इस आयोजन में भारत के उड्डयन क्षेत्र के विस्तार, विमान निर्माण और वैश्विक साझेदारियों पर खास ध्यान दिया गया है। यहां वाइड बॉडी, नैरो बॉडी और ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट समेत कई तरह के विमान प्रदर्शित किए गए हैं, जो देश के उड्डयन क्षेत्र की विविधता को दर्शाते हैं।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि विंग्स इंडिया 2026 यह दिखाता है कि भारत वैश्विक स्तर पर एक भरोसेमंद साझेदार बनने के लिए पूरी तरह तैयार है और देश में मजबूत विमान निर्माण इकोसिस्टम बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस दौरान एयर इंडिया ने अपने बेड़े के आधुनिकीकरण की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर को प्रदर्शित किया।

भारत दुनिया के सबसे बड़े विमान खरीदार देशों में शामिल है। बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए भारतीय एयरलाइंस ने एयरबस और बोइंग के 1500 से ज्यादा विमानों के ऑर्डर दिए हैं।

विंग्स इंडिया 2026 में एयरलाइंस, विमान निर्माता, इंजन निर्माता, मेंटेनेंस-रिपेयर-ओवरहॉल (MRO) कंपनियां और नीति निर्माता शामिल हुए हैं। यहां नई तकनीक, निवेश के अवसर और उड्डयन क्षेत्र के भविष्य पर चर्चा हो रही है।

यह चार दिवसीय कार्यक्रम शनिवार तक चलेगा।