राजधानी दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक होने वाले BRICS Summit को लेकर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने मंगलवार को विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार कर लिया है। यह शिखर सम्मेलन भारत मंडपम में आयोजित होगा, जिसमें कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष, विदेशी प्रतिनिधि, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख और अन्य वीआईपी शामिल होंगे। विदेशी मेहमानों की आवाजाही को सुचारू बनाए रखने और आम लोगों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कई स्तरों पर तैयारियां की हैं।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) दिनेश कुमार गुप्ता ने बताया कि विदेशी मेहमानों के ठहरने के लिए 9 होटल तय किए गए हैं। इन होटलों से भारत मंडपम तक आने-जाने के लिए अलग-अलग रूट निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इन रूट पर कारकेड रिहर्सल की जा रही है। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को भी पूरी व्यवस्था के बारे में जानकारी और जरूरी निर्देश दिए जा रहे हैं।
वीआईपी काफिलों की आवाजाही के दौरान ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए 22 डायवर्जन पॉइंट बनाए गए हैं। इन जगहों से जरूरत के अनुसार वाहनों को वैकल्पिक रास्तों पर भेजा जाएगा। ट्रैफिक पुलिस की ओर से लोगों को समय-समय पर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर रूट और डायवर्जन की जानकारी दी जा रही है।
BRICS Summit के दौरान भारत मंडपम के आसपास के प्रमुख रास्तों पर ट्रैफिक प्रतिबंध रहेगा। इनमें मथुरा रोड और भैरों मार्ग प्रमुख हैं। वीआईपी काफिलों की आवाजाही के दौरान इन रास्तों पर अस्थायी रूप से ट्रैफिक रोका या नियंत्रित किया जा सकता है। दिल्ली पुलिस ने Summit की तैयारियों के तहत 35 से ज्यादा सड़कों की पहचान की है, जहां जरूरत के अनुसार ट्रैफिक को नियंत्रित या डायवर्ट किया जाएगा। इसका असर मुख्य रूप से मध्य, दक्षिण और आसपास के दिल्ली के इलाकों पर पड़ सकता है।
ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि Summit के दौरान यात्रा की योजना पहले से बनाकर निकलें। जिन इलाकों में ट्रैफिक प्रतिबंध लागू हो सकते हैं, वहां जाने वाले लोग वैकल्पिक रास्तों और दिल्ली मेट्रो का इस्तेमाल करें। पुलिस का कहना है कि इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य विदेशी मेहमानों और प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही को सुरक्षित और सुचारू बनाए रखना है, साथ ही आम जनता को होने वाली परेशानी को कम से कम रखना है। BRICS Leaders' Summit का आयोजन 11 से 13 सितंबर तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में किया जाएगा। विदेशी नेताओं और प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही के कारण राजधानी के कई प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था कड़ी रहेगी।