उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को राज्य की समृद्ध कपड़ा विरासत और औद्योगिक क्षमता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास कुशल श्रमशक्ति, बड़ा बाजार, उद्योग, उद्यमिता और दुनिया की सबसे युवा कार्यशक्ति है। इन खूबियों के दम पर राज्य का टेक्सटाइल सेक्टर तेजी से आगे बढ़ सकता है।
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित दो दिवसीय ‘यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026’ को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि भारत, खासकर उत्तर प्रदेश में तैयार होने वाले कपड़ों की मांग दुनिया के अलग-अलग बाजारों में पहले से रही है। उन्होंने कहा कि पुराने समय में यूपी के कपड़ों की मांग रोम और ग्रीस जैसी सभ्यताओं तक में थी।
सीएम योगी ने कहा कि वाराणसी की सिल्क साड़ियां, भदोही के कालीन, लखनऊ की चिकनकारी और कानपुर का टेक्सटाइल, लेदर व औद्योगिक क्षेत्र उत्तर प्रदेश की समृद्ध विरासत और औद्योगिक क्षमता को दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि मेरठ में टेक्निकल टेक्सटाइल और स्पोर्ट्स गुड्स के क्षेत्र में भी काफी संभावनाएं हैं। ये सभी क्षेत्र सिर्फ औद्योगिक क्लस्टर नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की टेक्सटाइल विरासत और औद्योगिक विकास के अलग-अलग चरणों की पहचान हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पिछले छह वर्षों में टेक्सटाइल, परिधान और हस्तशिल्प के निर्यात में करीब 56 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पास टेक्सटाइल सेक्टर को मजबूत करने के लिए जरूरी संसाधन और पूरा इकोसिस्टम मौजूद है। यूपी में स्किल्ड मैनपावर के साथ देश का सबसे बड़ा बाजार, उद्योग और उद्यमिता की मजबूत संभावनाएं हैं।
इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रमुख टेक्सटाइल और परिधान कारोबारियों के साथ बैठक भी की। ‘यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026’ (UP-TEX 2026) का आयोजन 8 और 9 सितंबर को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में किया जा रहा है। कॉन्क्लेव का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया।