राजस्थान के खुश्क मौसम में किसान पारंपरिक फसल उगाने पर निर्भर रहे हैं। हालांकि अब वे नवाचार की राह पर आगे बढ़ते हुए एक ऐसी नई फसल की पैदावार कर रहे हैं, जो इलाके में आम तौर पर नहीं उगती। ये है- स्ट्रॉबेरी। डीडवाना जिले के नावां उपखंड के मीठड़ी गांव में नई सोच अपनाने वाले किसान देवकरण कुमावत ने आधुनिक कृषि तकनीक और जैविक विधियों से स्ट्रॉबेरी की खेती कर नई मिसाल कायम की है।
खेती के जानकारों से मिले हौसले और दूसरे इलाकों में स्ट्रॉबेरी की खेती की कामयाबी से प्रेरित होकर, देवकरण ने अपने खेतों में स्ट्रॉबेरी उगाने का फैसला किया जिसके बाजार में अच्छे दाम मिलते हैं। स्ट्रॉबेरी की फसल की कामयाबी से दूसरे किसानों की दिलचस्पी भी बढ़ी है। इलाके के दूसरे किसानों का कहना है कि देवकरण की सफलता ने उन्हें भी ऐसा ही करने के लिए प्रेरित किया है। स्ट्रॉबेरी की खेती से इस इलाके के किसानों को ज्यादा आमदनी देने वाली फसलों की तरफ रुख करने का अच्छा मौका मिल सकता है।