शुक्ल पक्ष एकादशी के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश की संगमनगरी प्रयागराज में श्रद्धा और आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम तट पर तड़के सुबह से ही हजारों श्रद्धालु पवित्र स्नान करने पहुंचे। हर-हर गंगे और जय विष्णु भगवान के जयकारों से घाटों का वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाने के बाद भगवान विष्णु की विधिवत पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि व कल्याण की कामना की। श्रद्धालुओं का मानना है कि माघ मेले के दौरान एकादशी के दिन स्नान और दान का विशेष धार्मिक महत्व होता है। इस दिन किया गया स्नान पुण्यफल प्रदान करता है और जीवन के कष्टों से मुक्ति दिलाता है।
इस वर्ष माघ मेले की शुरुआत 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा के पहले स्नान के साथ हुई थी। तब से लेकर अब तक प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम तट पर स्नान के लिए पहुंच रहे हैं। मेले का समापन 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर अंतिम स्नान के साथ होगा, जिसे लेकर प्रशासन और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।