महाराष्ट्र के पालघर जिले में दही हांडी कार्यक्रम के बाद अस्पताल में डॉक्टर और स्टाफ से कथित मारपीट के मामले में शिवसेना ने कार्रवाई की है। पार्टी ने जिले के 7 पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इनमें पार्टी के जिला अध्यक्ष भी शामिल हैं। पार्टी के मुताबिक, शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के निर्देश पर इन पदाधिकारियों के खिलाफ अनुशासनहीनता के आरोप में कार्रवाई की गई है।
मामला पालघर के रिलीफ अस्पताल का है। दही हांडी कार्यक्रम के दौरान पांच गोविंदा घायल हो गए थे। इलाज को लेकर अस्पताल में विवाद हुआ। आरोप है कि इस दौरान कुछ लोगों ने डॉक्टर और अस्पताल के स्टाफ के साथ मारपीट की। पुलिस ने इस मामले में 17 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें शिवसेना (शिंदे गुट) के जिला अध्यक्ष कुंदन सांखे और विधायक राजेंद्र गावित के बेटे का नाम भी शामिल है।
दही हांडी कार्यक्रम में पांच गोविंदा गिरकर घायल हुए थे। सभी को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था। इनमें से दो गोविंदाओं के सिर में चोट लगी थी और वे बेहोश हो गए थे। इसलिए डॉक्टरों ने उन्हें 24 घंटे निगरानी में रखा था। डॉक्टर के मुताबिक, बाद में घायल गोविंदाओं के साथ आए कुछ लोग अस्पताल पहुंचे और मरीजों को भर्ती करने पर सवाल उठाने लगे। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया।
आरोप है कि कुछ लोगों ने एक महिला डॉक्टर से बहस की। इस दौरान एक पुरुष रिसेप्शनिस्ट महिला डॉक्टर के बचाव में आया, तो उसे कथित तौर पर थप्पड़ मार दिया गया। अस्पताल के निदेशक ने यह भी आरोप लगाया कि इसके बाद कुछ लोग ICU में पहुंचे और भर्ती मरीजों की IV ड्रिप निकालकर उन्हें अस्पताल से ले गए।
डॉ. कोडगीरकर ने घटना को गलत बताते हुए कहा कि इसके बाद अस्पताल के कर्मचारियों में डर का माहौल है। उन्होंने बताया कि मारपीट में घायल कर्मचारी काफी परेशान है और उसका परिवार भी चिंता में है। अस्पताल प्रबंधन ने घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, शिवसेना ने भी अपने 7 पदाधिकारियों को निलंबित कर पार्टी स्तर पर कार्रवाई की है।