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“एक भारत, श्रेष्ठ भारत: PM मोदी ने लोगों से किया गुजरात के माधवपुर मेले में आने का आह्वान”

गुजरात के पोरबंदर जिले में चल रहे माधवपुर मेले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को शुभकामनाएं दीं और इसके सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह मेला भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है और गुजरात तथा पूर्वोत्तर राज्यों के बीच गहरे संबंधों को मजबूत करता है।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने संदेश में लिखा कि माधवपुर मेला देश की विविध परंपराओं को एक मंच पर लाता है और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को साकार करता है। उन्होंने लोगों से इस भव्य मेले में शामिल होने का आह्वान भी किया। माधवपुर मेला एक बहुआयामी सांस्कृतिक उत्सव है, जो भगवान कृष्ण और रुक्मिणी की पौराणिक कथा पर आधारित है। यह मेला रुक्मिणी के अरुणाचल प्रदेश से गुजरात तक के ऐतिहासिक-आध्यात्मिक सफर को दर्शाता है। वर्तमान में यह मेला अपने तीसरे दिन में है, जहां लोक नृत्य, पारंपरिक गीत-संगीत और खरीदारी की रौनक चरम पर है।

प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, इस मेले का आयोजन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय और गुजरात सरकार द्वारा पोरबंदर जिले के माधवपुर घेड में किया जा रहा है। यह आयोजन पूर्व और पश्चिम भारत के सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाने के साथ-साथ देश की ‘एकता में विविधता’ की भावना को भी मजबूत करता है।

माधवपुर घेड एक छोटा लेकिन सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान है, जहां मान्यता है कि भगवान कृष्ण ने राजा भीष्मक की पुत्री रुक्मिणी से विवाह किया था। समुद्र तट के पास स्थित इस स्थान पर 15वीं सदी का माधवराय मंदिर इस परंपरा का साक्षी है। हर साल राम नवमी के अवसर पर शुरू होने वाला यह मेला पांच दिनों तक चलता है। इस दौरान भगवान कृष्ण की प्रतिमा को सजे-धजे रथ में बैठाकर पूरे गांव में शोभायात्रा निकाली जाती है। धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विविधता से भरपूर यह मेला हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है। कुल मिलाकर, माधवपुर मेला न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक एकता और परंपराओं का जीवंत उदाहरण भी है।