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नांदेड़ में भारी बारिश से अलग-अलग गांवों में 250 लोग फंसे, बचाव अभियान के लिए सेना को बुलाया

Maharashtra: महाराष्ट्र के नांदेड़ ज़िले में भारी बारिश की वजह से कई गांवों में 250 से ज़्यादा लोग फंसे हुए हैं। अधिकारियों को बचाव और राहत कार्यों के लिए भारतीय सेना को तैनात करना पड़ा है। भारतीय मौसम विभाग ने नांदेड़ ज़िले के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और सोमवार और मंगलवार को भारी बारिश का अनुमान जताया है।

नांदेड़ के कलेक्टर राहुल कर्डिले ने कहा कि ज़िला प्रशासन ने बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने के लिए भारतीय सेना की एक टुकड़ी को बुलाया है। भारी बारिश के कारण तालुका के रावनगांव, हसनाल, भसवाड़ी और भीगेली गांवों में करीब 250 लोग फंसे हुए हैं।

डीएम राहुल कर्डिले ने बताया कि 'हमारी टीम, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमें सुबह से ही मौके पर काम कर रही हैं और उन्हें बचाने के प्रयास जारी हैं। फिलहाल बारिश थम गई है और जलस्तर कम हो गया है। हम 2-3 घंटे में बचाव अभियान पूरा कर लेंगे। मेरे पास सटीक आंकड़ा नहीं है, लेकिन करीब 150-200 मवेशियों की जान गई है। हम इसका आकलन कर रहे हैं। लातूर और बीदर में ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया गया है।'

उन्होंने कहा, "नांदेड़ के मुखेड़ इलाके में 15 सदस्यों वाली एक सेना की टीम तैनात की जाएगी। बांधों से पानी छोड़ने का काम भी जारी है। मैंने पड़ोसी तेलंगाना राज्य के सिंचाई विभाग के सचिव को भी फोन किया है और उनसे अनुरोध किया है कि ज़रूरत पड़ने पर वे अपने अधिकार क्षेत्र में पोचमपद बांध से पानी छोड़ने का प्रबंधन करें।"

कलेक्टर ने बताया कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) ने रविवार को भारी बारिश के बीच मुखेड़ तालुका के रावनगांव और हसनाल गांवों में फंसे 21 लोगों को बचाया। रविवार को छत्रपति संभाजीनगर, जालना, नांदेड़ और परभणी ज़िलों के 80 राजस्व हलकों में 65 मिमी से ज़्यादा बारिश दर्ज की गई। नांदेड़ के मार्खेल हलके में सबसे ज़्यादा 154.75 मिमी बारिश दर्ज की गई।