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योगी सरकार का बिजली उपभोक्ताओं को तोहफा, अक्टूबर के बिल में 5.24% की राहत

उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को अक्टूबर महीने के बिल में 5.24 प्रतिशत की राहत मिलेगी। विद्युत क्रय लागत में कमी का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने अक्टूबर के लिए ईंधन एवं विद्युत क्रय समायोजन अधिभार (एफपीपीएएस) की दर (-)5.24 प्रतिशत तय की है।

यूपीपीसीएल के निदेशक वाणिज्य प्रशांत वर्मा ने बताया कि ऋणात्मक एफपीपीएएस का लाभ सीधे उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में समायोजित किया जाएगा। इससे प्रदेशभर के बिजली उपभोक्ताओं को करीब 424 करोड़ रुपये की राहत मिलने का अनुमान है।

लगातार चौथे महीने मिली राहत

एफपीपीएएस के तहत यह लगातार चौथा महीना है, जब बिजली उपभोक्ताओं को बिल में राहत दी जा रही है। इससे पहले जुलाई में 4.43 प्रतिशत, अगस्त में 2.92 प्रतिशत और सितंबर में 7.93 प्रतिशत की राहत दी गई थी। यूपीपीसीएल के मुताबिक, विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और उपभोक्ता-केंद्रित बनाने के साथ बिजली खरीद की लागत में होने वाले बदलाव का लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा रहा है।

बिजली खरीद लागत घटने का सीधा फायदा

एफपीपीएएस व्यवस्था के तहत बिजली और ईंधन की खरीद लागत में होने वाले उतार-चढ़ाव का समयबद्ध तरीके से बिजली बिलों में समायोजन किया जाता है। जब बिजली खरीद की लागत में कमी आती है तो उसका लाभ भी इसी व्यवस्था के जरिए उपभोक्ताओं को दिया जाता है। अक्टूबर में (-)5.24 प्रतिशत एफपीपीएएस के कारण उपभोक्ताओं के बिल में राहत दर्ज होगी।