योगी सरकार में उत्तर प्रदेश के सर्वोदय विद्यालयों में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यक्तित्व विकास के भी अवसर मिल रहे हैं। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के जरिए विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित की जा रही है।
वर्तमान में प्रदेश के पांच सर्वोदय विद्यालयों के 344 छात्र-छात्राएं एनसीसी प्रशिक्षण से जुड़े हैं। विद्यार्थियों को परेड, शारीरिक प्रशिक्षण, शिविर, सामाजिक सेवा और साहसिक गतिविधियों में हिस्सा लेने का अवसर मिल रहा है।
इटावा में एनसीसी की नई इकाई
इटावा के जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय कंधनी को 80 सीट की नई एनसीसी जूनियर डिवीजन इकाई आवंटित की गई है। विद्यालय में एनसीसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रशिक्षण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर मिलेगा। इटावा के नगला हीरालाल सर्वोदय विद्यालय में पहले से 50 कैडेट एनसीसी से जुड़े हुए हैं।
पांच विद्यालयों में 344 विद्यार्थी एनसीसी से जुड़े
वर्तमान सत्र में बस्तौरा, रसड़ा (बलिया) में 50 विद्यार्थियों का चयन हुआ है, जिनमें 44 कैडेट 10 दिवसीय प्रशिक्षण के लिए गए हैं। नगला हीरालाल, इटावा में 50, भोजीपुरा, बरेली में 100, परसिया, मिर्जापुर में 66 और सर्वोदय बालिका विद्यालय मड़िहान, मिर्जापुर में 34 छात्राएं एनसीसी प्रशिक्षण ले रही हैं। इस तरह इन पांच विद्यालयों में कुल 344 विद्यार्थी एनसीसी से जुड़े हैं।
अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का विकास
एनसीसी प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को परेड और शारीरिक प्रशिक्षण के साथ शिविर, सामाजिक सेवा और साहसिक गतिविधियों में हिस्सा लेने का मौका मिलता है। इन गतिविधियों से उनमें टीम भावना, जिम्मेदारी, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में मदद मिलती है। एनसीसी प्रमाणपत्र निर्धारित नियमों के अनुसार आगे विभिन्न शैक्षणिक और रोजगार अवसरों में भी उपयोगी हो सकते हैं।
समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि सर्वोदय विद्यालयों में शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एनसीसी के माध्यम से बच्चों में अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की भावना मजबूत होगी। कंधनी जैसे विद्यालयों में एनसीसी इकाई का विस्तार विद्यार्थियों को नए अवसर देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।