गंभीर बीमारी या अचानक आई मुसीबत में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष मदद का बड़ा सहारा बन रहा है। वाराणसी में मई 2017 से 8 सितंबर 2026 तक 11,219 लाभार्थियों को 191 करोड़ 11 लाख 58 हजार 416 रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।
इस सहायता से कैंसर, ब्रेन ट्यूमर, हृदय और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के इलाज में आर्थिक मदद मिल रही है। आकस्मिक दुर्घटनाओं और अन्य गंभीर परिस्थितियों में भी पात्र परिवारों को सहायता दी जा रही है।
गंभीर बीमारी के इलाज में आर्थिक मदद
गंभीर बीमारी के इलाज का खर्च कई बार आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। दवाइयों, जांच, ऑपरेशन और अस्पताल के खर्च के कारण परिवारों को कर्ज तक लेना पड़ता है। ऐसे मामलों में मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पात्र लोगों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
अपर जिलाधिकारी (प्रोटोकॉल) विनय कुमार सिंह ने बताया कि वाराणसी में मई 2017 से 8 सितंबर 2026 तक कुल 11,219 लाभार्थियों के लिए 1,91,11,58,416 रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है।
कैंसर, ब्रेन ट्यूमर और हृदय रोग में मदद
मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के तहत कैंसर, हृदय रोग, किडनी रोग और ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके अलावा आकस्मिक दुर्घटना या परिवार के कमाने वाले सदस्य की मृत्यु जैसी परिस्थितियों में भी पात्र जरूरतमंद परिवारों को सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
समय पर सहायता पहुंचाने पर जोर
जिला प्रशासन की ओर से पात्र लोगों तक सहायता समय पर पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि जरूरतमंदों को इस व्यवस्था का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से मिले, ताकि संकट के समय परिवारों को जरूरी राहत मिल सके।
जरूरतमंद परिवारों को मिला इलाज का सहारा
जैतपुरा के एक बुनकर परिवार ने बताया कि उनके 54 वर्षीय पिता गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। इलाज के लिए आर्थिक मदद की जरूरत थी। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता मिलने के बाद उनका इलाज कराया जा सका।
पिंडरा तहसील के पुआरी कला गांव निवासी ऑटो चालक अरविंद कुमार की पत्नी शिल्पी ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित थीं। ऑपरेशन और इलाज का खर्च परिवार की क्षमता से बाहर था। कोष से मिली आर्थिक सहायता के बाद उनका ऑपरेशन सफल हुआ और अब उनकी सेहत में सुधार बताया गया है।
वहीं भोजूबीर निवासी एक किसान की पत्नी कैंसर से पीड़ित थीं। परिवार ने शुरुआत में उधार लेकर इलाज कराया। बाद में मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से आर्थिक मदद मिलने के बाद इलाज जारी रखना संभव हुआ। परिवार ने इस सहायता को मुश्किल समय में बड़ा सहारा बताया।