कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हालिया ड्रोन हमले को लेकर एक बड़ा वैश्विक घटनाक्रम सामने आया है। ईरान के शक्तिशाली सैन्य संगठन 'रिवोल्यूशनरी गार्ड्स' ने आधिकारिक तौर पर कुवैत पर हुए इस हमले की जिम्मेदारी ले ली है। इससे पहले कुवैत सरकार ने इस हमले को ईरानी आक्रामकता बताते हुए अपनी सेना को हाई अलर्ट पर रखा था। इस भीषण ड्रोन और मिसाइल हमले में हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 को भारी नुकसान पहुंचा था, इस हवाई हमले से एक भारतीय नागरिक की मौत और 63 लोग घायल हुए थे।
ईरान द्वारा जिम्मेदारी लेने के बाद अब खाड़ी क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव और अधिक गहराने की आशंका जताई जा रही है। कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 3 जून को हुए भीषण ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमले के बाद सुरक्षा और तनाव चरम पर पहुंच गया है। घटना के बाद कुवैती अधिकारियों ने तुरंत आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू करते हुए उड़ानों को निलंबित कर दिया था। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने इसे "आपराधिक ईरानी आक्रामकता" करार दिया है और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए देश की सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इस बीच, भारत के विदेश मंत्रालय ने भी नागरिक ठिकानों पर हुए इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है।