मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन रोजगार के तहत माध्यमिक शिक्षा विभाग में चयनित 3,567 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इनमें 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 2,372 प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) और 618 प्रवक्ता (PGT) शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक केवल कक्षा में पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, संस्कार, चरित्र, अनुशासन, जिज्ञासा और राष्ट्रबोध के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने नवचयनित शिक्षकों से अपने दायित्व का पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन करने का आह्वान किया।
ज्वाइनिंग में परेशानी हुई तो होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि किसी भी नवचयनित शिक्षक को ज्वाइनिंग में परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र मिलने के बाद यदि किसी प्रबंधक या अन्य व्यक्ति द्वारा प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता या शिक्षक से किसी तरह के लेन-देन की मांग की जाती है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर हुई है और नियुक्ति के बाद किसी भी तरह के भ्रष्टाचार को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
3,567 शिक्षकों से हर साल लाखों विद्यार्थियों को मिलेगा मार्गदर्शन
मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति पाने वाले 3,567 शिक्षक एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से जुड़ रहे हैं। उनके अनुसार, यदि एक शिक्षक हर साल 100 विद्यार्थियों से संवाद करता है तो इन शिक्षकों के माध्यम से हर साल 3.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों का मार्गदर्शन संभव होगा। यही विद्यार्थी आगे चलकर विभिन्न क्षेत्रों में देश का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के साथ महापुरुषों की जीवनी, देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं और समाज से जुड़े विषयों की जानकारी देने पर भी जोर दिया।
9 साल में 9.5 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने पिछले नौ वर्षों में 9.5 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी क्षेत्र में नियुक्ति पत्र दिए हैं। पिछले एक सप्ताह में ही 5,297 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। सरकार ने अगले छह महीनों में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरियों से जोड़ने का लक्ष्य रखा है।
शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प और निपुण भारत के माध्यम से बेसिक शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव आया है। विभिन्न मूलभूत सुविधाओं और व्यवस्थाओं की संतृप्ति 36 प्रतिशत से बढ़कर 96 प्रतिशत हुई है। वहीं, माध्यमिक शिक्षा क्षेत्र में प्रोजेक्ट अलंकार के तहत 2,300 से अधिक विद्यालयों में नए भवन और आधारभूत सुविधाओं का विकास किया गया है। 1,500 से अधिक राजकीय इंटर कॉलेजों की नई इमारतें बन चुकी हैं।
शिक्षकों और उनके परिवारों को 5 लाख तक कैशलेस इलाज
योगी सरकार ने शिक्षकों के कल्याण के लिए किए गए कदमों का भी उल्लेख किया। राज्य अध्यापक पुरस्कार की राशि 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये की गई है। वहीं मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों और उनके आश्रित परिवारों को हर साल प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। यह सुविधा अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षणोत्तर कर्मचारियों तक भी बढ़ाई गई है।
प्रयागराज के प्रतियोगी छात्रों के लिए विशेष व्यवस्था पर विचार
मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं की समस्या का भी उल्लेख किया। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) को पत्र भेजकर विद्यार्थियों की समस्या से अवगत कराने और उनके हित में एक बार की विशेष व्यवस्था या अवसर उपलब्ध कराने की संभावना पर विचार करने को कहा।