11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर बुधवार को लखनऊ में ‘स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद’ विषय पर बाइक रैली का आयोजन किया गया। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद भारत की समृद्ध चिकित्सा परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। मानवता के उद्भव काल से ही यह जीवन से जुड़ा रहा है। भारतीय गांवों में लंबे समय तक चिकित्सा व्यवस्था आयुर्वेद पर आधारित रही है।

उन्होंने कहा कि भागदौड़ भरी जिंदगी में तुरंत परिणाम की अपेक्षा के कारण लोग एलोपैथिक चिकित्सा की ओर अधिक आकर्षित हुए हैं, लेकिन आयुर्वेद स्वस्थ और निरोगी जीवन की आधारशिला है।

आयुर्वेद को वैश्विक पहचान दिलाने पर जोर
ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की प्राचीन और समृद्ध चिकित्सा परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने और आयुर्वेद को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। इसी क्रम में आयुर्वेद दिवस मनाने की शुरुआत हुई और इस वर्ष देश 11वां आयुर्वेद दिवस मना रहा है।

उन्होंने कहा कि आयुर्वेद को केवल उपचार की पद्धति के रूप में नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली और निरोगी समाज के आधार के रूप में अपनाने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से आयुर्वेद को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए ‘स्वस्थ भारत, सशक्त भारत’ के संकल्प को साकार करने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में आयुष विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार, महानिदेशक आयुष जी.एस. प्रियदर्शी, विशेष सचिव आयुष मदन सिंह और निदेशक आयुष डॉ. नारायण दास समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
