उत्तर प्रदेश के पांच बाल वैज्ञानिकों ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के प्रयासों के बीच प्रदेश के पांच छात्रों के प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार के लिए चुना गया है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में 12 और 13 अक्टूबर को आयोजित 12वीं राष्ट्रीय इंस्पायर-मानक प्रदर्शनी में इन विद्यार्थियों ने प्रदेश का गौरव बढ़ाया।
भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान (एनआईएफ) की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने चयनित विद्यार्थियों को राष्ट्रीय पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
790 मॉडलों के बीच यूपी के पांच नवाचार चयनित

राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में देशभर से चयनित 790 छात्र-छात्राओं ने अपने वैज्ञानिक और तकनीकी मॉडल प्रस्तुत किए। उत्तर प्रदेश के 41 बाल वैज्ञानिकों ने राज्य स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने के बाद राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों के मॉडलों का मूल्यांकन उनकी नवीनता, सामाजिक उपयोगिता, लागत प्रभाविता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के आधार पर किया गया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच उत्तर प्रदेश के पांच विद्यार्थियों के नवाचारों ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई।
पांच जिलों के विद्यार्थियों ने बढ़ाया प्रदेश का मान

राष्ट्रीय स्तर पर चयनित विद्यार्थियों में मुजफ्फरनगर के अलौकिक सिरस्वाल, औरैया के दिव्यांश कश्यप, फर्रुखाबाद की दक्षिणा सिंह, रामपुर के शुभ अग्रवाल और लखनऊ के अभिनन्जय पाण्डेय शामिल हैं।

इन विद्यार्थियों की उपलब्धि से प्रदेश की स्कूली प्रतिभा और नवाचार क्षमता को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिली है। पांच अलग-अलग जिलों के विद्यार्थियों की सफलता यह भी दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश में स्कूली स्तर पर विज्ञान और तकनीक के प्रति रुचि को बढ़ावा मिल रहा है।
इंस्पायर-मानक योजना से बढ़ रही वैज्ञानिक सोच

इंस्पायर-मानक योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों में कम उम्र से ही वैज्ञानिक सोच विकसित करना और उन्हें नए विचारों पर काम करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस पहल के जरिए विद्यार्थी अपने आसपास की समस्याओं के समाधान खोजने और समाज के लिए उपयोगी नवाचार तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ते हैं।

अपर मुख्य सचिव, माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा, पार्थ सारथी सेन शर्मा के अनुसार, राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रदेश के विद्यार्थियों की सफलता उनकी वैज्ञानिक दृष्टि, रचनात्मकता और समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता को दर्शाती है। योगी सरकार के प्रयासों के बीच बाल वैज्ञानिकों की यह उपलब्धि प्रदेश में विज्ञान शिक्षा और नवाचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।