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सिल्क क्लस्टर के रूप में विकसित होंगे संत रविदास नगर, मीरजापुर और वाराणसी: सीएम योगी

संत रविदास नगर (भदोही) में रविवार को इंडिया कारपेट एक्सपो के स्वर्ण जयंती संस्करण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कालीन उद्योग से जुड़े निर्यातकों, विक्रेताओं और उद्यमियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उद्यमियों ने कालीन उद्योग के लिए अलग नीति बनाने, कारोबार से जुड़ी समस्याओं और महिला उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने जैसे मुद्दे उठाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास नगर, मीरजापुर और वाराणसी को सिल्क क्लस्टर के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही वाराणसी-विंध्य रीजनल डेवलपमेंट प्लान भी जल्द लागू किया जाएगा। उन्होंने उद्यमियों की ओर से रखे गए सुझावों पर सरकार की ओर से जरूरी कदम उठाने का भरोसा दिया।

बेहतर कनेक्टिविटी से कारोबार को फायदा

मीरजापुर के कालीन कारोबारी अनिल कुमार ने बेहतर कनेक्टिविटी के लिए प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने मीरजापुर के प्राचीन शहर और कालीन कारोबार से जुड़े विषय मुख्यमंत्री के सामने रखे। सीएम योगी ने उनकी बात सुनी और संबंधित मुद्दों पर संज्ञान लेने का भरोसा दिया।

ओडीओपी की तर्ज पर कालीन उद्योग के लिए अलग नीति की मांग

इम्तियाज अहमद ने कहा कि ओडीओपी योजना से कालीन कारोबार से जुड़े उद्यमियों को काफी लाभ मिला है। उन्होंने इसी तर्ज पर कालीन उद्योग के लिए अलग नीति बनाने की मांग की। उनका कहना था कि ऐसी नीति से कारोबार को और बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।उन्होंने कहा कि यह तीसरा मौका है जब उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आशीर्वाद मिला है।

हस्तनिर्मित कालीन के लिए अलग नीति का सुझाव

पीयूष कुमार बरनवाल ने कहा कि हस्तनिर्मित कालीन के क्षेत्र में भारत दुनिया में नंबर वन है। उन्होंने कहा कि हाथ से कालीन तैयार करने में अधिक समय लगता है, इसलिए इसे सामान्य मैन्युफैक्चरिंग श्रेणी से अलग रखते हुए उद्योग की जरूरतों के अनुसार नीति बनाई जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे अच्छा सुझाव बताया। उन्होंने कहा कि उन बुनकरों का अभिनंदन किया जाना चाहिए, जिन्होंने अपने पूर्वजों की कला और विरासत को आज भी जीवित रखा है। उन्होंने भरोसा दिया कि सरकार इस सुझाव पर जरूर संज्ञान लेगी।

सीईपीसी में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर

आदर्श पूर्णिमा ने कहा कि पहले इंडिया कारपेट एक्सपो का आयोजन दिल्ली में होता था। उस समय यह कल्पना भी नहीं की गई थी कि इतना बड़ा आयोजन भदोही में होगा। अब अपने ही जनपद में इस एक्सपो का आयोजन हो रहा है और मुख्यमंत्री लगातार दूसरी बार कालीन उद्योग का उत्साह बढ़ाने पहुंचे हैं।

उन्होंने कहा कि कालीन उद्योग में बड़ी संख्या में महिला उद्यमी और महिला वर्कर्स काम कर रही हैं, लेकिन कारपेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (सीईपीसी) के मौजूदा ढांचे में महिलाओं की पर्याप्त भागीदारी नहीं है। उन्होंने महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष प्रावधान करने की मांग की।

महिला उद्यमियों के लिए स्थान आरक्षित करने के निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नारी शक्ति वंदन अधिनियम लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि नारी अब केवल सरकार या सरकारी भरोसे पर निर्भर नहीं रहेगी, बल्कि अपने लिए कानून भी बनाएगी।

सीएम योगी ने सीईपीसी में महिला उद्यमियों की भागीदारी सुनिश्चित करने और उनके लिए स्थान आरक्षित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस दिशा में जरूरी बदलाव किए जाएंगे और महिला उद्यमियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।