Breaking News

'सेंट्रल विस्टा प्लान में CS लाइब्रेरी के लिए कितनी जगह तय', SC ने केंद्र से पूछा     |   दिल्ली दंगों से जुड़े हेट स्पीच केस में 15 याचिकाएं खारिज, FIR-SIT जांच की मांग HC ने ठुकराई     |   पंजाब CMO में भ्रष्टाचार के आरोपों पर HC का बड़ा एक्शन, CBI को सौंपी जांच     |   अफगानिस्तान में तड़के लगे भूकंप के झटके, 4.9 रही तीव्रता     |   RBI की मौद्रिक नीति समीक्षा आज से, 7 अक्टूबर तक चलेगी बैठक     |  

आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों के कर्मियों को मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण, मरीजों को होगी सुविधा

आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के आठ वर्ष और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर 7 अक्टूबर को लखनऊ में राज्य स्तरीय वार्षिक समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में आयुष्मान भारत योजना और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को प्रदेश में और मजबूत बनाने पर जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने की संभावना है।

समारोह में आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों के कर्मचारियों को तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही अस्पतालों को नियमित तकनीकी सहयोग और हैंड-होल्डिंग भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि मरीजों को डिजिटल और कैशलेस स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर लाभ मिल सके।

बेहतर काम करने वाले अस्पतालों और कर्मियों का होगा सम्मान

साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के पहले सत्र में एबी-पीएमजेएवाई और एबीडीएम के प्रभावी क्रियान्वयन में बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों, अधिकारियों, कर्मचारियों, फील्ड लेवल वर्कर्स, ऑपरेटर्स और अस्पतालों को सम्मानित किया जाएगा।

आयुष्मान कार्ड बनाने, अधिक से अधिक पात्र लोगों को योजना का लाभ दिलाने, कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने में बेहतर काम करने वालों को सम्मान मिलेगा। इसके अलावा डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड को एबीडीएम से जोड़ने और योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने वाले अस्पतालों और कर्मचारियों को भी सम्मानित किया जाएगा।

अस्पताल कर्मियों को ईएचआर और एबीडीएम की ट्रेनिंग

स्वास्थ्य सचिव रितु माहेश्वरी ने बताया कि समारोह के दूसरे सत्र में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जुड़े अस्पतालों के लिए विशेष तकनीकी प्रशिक्षण और हैंड-होल्डिंग सत्र आयोजित किया जाएगा।

इस दौरान अस्पतालों को इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (ईएचआर) तैयार करने और उसे आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से जोड़ने की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार पीएमजेएवाई से जुड़े अस्पतालों के लिए ईएचआर तैयार करना और उसे एबीडीएम से लिंक करना जरूरी है।

प्रदेश के कई अस्पताल पहले ही एबीडीएम से जुड़ चुके हैं। हालांकि, कुछ अस्पतालों में ईएचआर तैयार करने और उसे डिजिटल मिशन से जोड़ने की प्रक्रिया को और मजबूत करने की जरूरत है। तकनीकी सत्र में ईएचआर जनरेशन, एबीडीएम इंटीग्रेशन और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

डिजिटल हेल्थ सेवाओं पर योगी सरकार का जोर

योगी सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित बनाने पर जोर दे रही है। आयुष्मान भारत योजना के जरिए पात्र लोगों को कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटल विस्तार पर भी काम किया जा रहा है।

सरकार का प्रयास है कि आयुष्मान योजना के तहत उपचार की सुविधाएं बढ़ाने के साथ अस्पतालों में डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं को भी बढ़ावा मिले। इसके लिए अस्पतालों को ऑनलाइन प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और नियमित हैंड-होल्डिंग उपलब्ध कराई जा रही है।

सरकार के मुताबिक, आगे भी अस्पतालों को तकनीकी सहयोग दिया जाएगा, ताकि प्रदेश में आयुष्मान भारत और डिजिटल हेल्थ सेवाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंच सके।