विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को मैदानगढ़ी में 18वें 'नमो ऑक्सीजन पार्क' का उद्घाटन किया और पर्यावरण संरक्षण अभियान के तहत पौधारोपण भी किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य हरित परिवहन (ग्रीन मोबिलिटी), शहरी वनीकरण और प्रदूषण नियंत्रण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। 'नमो ऑक्सीजन पार्क' पहल के माध्यम से दिल्ली में हरित क्षेत्र का विस्तार और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी पौधारोपण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने मैदानगढ़ी से दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में विकसित किए जा रहे 18 नमो वन पार्कों का शुभारंभ किया। सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रत्येक पार्क के लिए स्थानीय देखरेख समिति (केयरटेकर कमेटी) बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा,
"मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हम केवल वृक्षारोपण को प्रोत्साहित ही नहीं कर रहे हैं, बल्कि इस वर्ष दिल्ली में 15 लाख पेड़ और पौधे लगाने का संकल्प भी हमने लिया है, जिसकी शुरुआत हो चुकी है। विकसित किए जा रहे 18 ऑक्सीजन पार्कों के लिए स्थानीय स्तर पर देखरेख समितियां बनाई जानी चाहिए।"
उन्होंने स्थानीय लोगों से भी पेड़ों की देखभाल में भागीदारी करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब स्थानीय निवासी जुड़ेंगे तो पेड़ों को बेहतर रखरखाव, सिंचाई और सुरक्षा मिलेगी, जो हरित दिल्ली के लिए आवश्यक है। रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि लोग इस अभियान के तहत पौधे लगाएंगे तो दिल्ली को और अधिक हरित बनाया जा सकेगा।
"दिल्ली हरित हो रही है और इसमें हर नागरिक की भूमिका है। इस विश्व पर्यावरण दिवस पर 18 नमो ऑक्सीजन पार्कों का कार्य शुरू हो रहा है और हम दिल्ली में 100 ऑक्सीजन पार्कों के लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं। इस वर्ष 15 लाख पेड़ लगाए जाएंगे। पौधे और स्थान उपलब्ध कराए जाएंगे। आइए, इस अभियान से जुड़ें और हरित दिल्ली के निर्माण में योगदान दें।"
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य कर रहे लोगों की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश में हरित क्षेत्र का विस्तार और कई वन्यजीव प्रजातियों की बढ़ती संख्या पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं। विश्व पर्यावरण दिवस हर वर्ष 5 जून को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 1972 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा स्टॉकहोम सम्मेलन के दौरान की गई थी। पहला विश्व पर्यावरण दिवस 1973 में "ओनली वन अर्थ" (Only One Earth) थीम के साथ मनाया गया था। हर वर्ष संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) किसी विशेष पर्यावरणीय मुद्दे पर वैश्विक ध्यान केंद्रित करने के लिए नई थीम और मेजबान देश का चयन करता है।