उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि गंभीर मरीजों को ऑपरेशन से पहले और बाद में बेहतर और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। इसके लिए चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे नए प्रयोगों, आधुनिक उपचार पद्धतियों और तकनीकों का अध्ययन कर उन्हें प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में लागू करना समय की जरूरत है।

उपमुख्यमंत्री रविवार को अयोध्या मेडिकल कॉलेज में संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI), लखनऊ की ओर से आयोजित इंडियन सोसाइटी ऑफ इंटेंसिव केयर एंड पेरिऑपरेटिव मेडिसिन (ISICPM-2026) के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन में गंभीर मरीजों की देखभाल, आधुनिक उपचार पद्धतियों और औषधीय प्रबंधन से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।
यूपी में 85 मेडिकल कॉलेज, 2017 के बाद 45 नए कॉलेज

ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है। वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक बदलाव हुए हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 85 मेडिकल कॉलेज पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं, जबकि वर्ष 2017 से अब तक 45 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर नागरिक को उसके नजदीक ही बेहतर, तेज और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके लिए आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाओं और चिकित्सा संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय को बढ़ावा दिया जा रहा है।
‘स्पोक एंड हब’ से जुड़ा अयोध्या मेडिकल कॉलेज

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि SGPGI लखनऊ के ‘स्पोक एंड हब’ कार्यक्रम से राजर्षि दशरथ स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, अयोध्या को भी जोड़ा गया है। इस व्यवस्था के तहत अयोध्या मेडिकल कॉलेज में भर्ती गंभीर मरीजों को SGPGI के विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाओं का लाभ ऑनलाइन परामर्श के जरिए मिल सकेगा।

उन्होंने बताया कि इससे पहले प्रदेश के छह मेडिकल कॉलेज इस व्यवस्था से जुड़े थे। अब अयोध्या मेडिकल कॉलेज के जुड़ने से इसकी पहुंच और मजबूत हुई है। गंभीर मरीजों के इलाज में विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह समय पर उपलब्ध होगी और जरूरत पड़ने पर मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी होगी।
आधुनिक तकनीक और रिसर्च पर जोर

ब्रजेश पाठक ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा तकनीकों का अधिकतम इस्तेमाल, डॉक्टरों के बीच ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान तथा लगातार अनुसंधान और नवाचार प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार विशेषज्ञ चिकित्सा संस्थानों को मजबूत करने के साथ ही प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए लगातार काम कर रही है।

कार्यक्रम में अयोध्या के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, विधायक अभय सिंह, विधायक चंद्रभानु पासवान, जिला उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार पांडेय, SGPGI के निदेशक प्रो. आर.के. धीमान, राजर्षि दशरथ ऑटोनॉमस स्टेट मेडिकल कॉलेज अयोध्या के प्राचार्य प्रो. दिनेश सिंह, इंडियन सोसाइटी ऑफ इंटेंसिव केयर एंड पेरिऑपरेटिव मेडिसिन के अध्यक्ष प्रो. एस.पी. अमरीश, आयोजन अध्यक्ष प्रो. संजय, एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष प्रो. जे.पी. तिवारी, आयोजक सचिव प्रो. पुनीत गोयल समेत अन्य गणमान्यजन और चिकित्सक मौजूद रहे।