योगी सरकार की औद्योगिक नीतियों से उत्तर प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी, औद्योगिक भूमि और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार का असर अब दिखने लगा है। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के औद्योगिक क्षेत्रों में पिछले तीन वर्षों में फैक्ट्री पंजीकरण दोगुने से अधिक हो गए हैं। इस दौरान 50,000 से ज्यादा रोजगार भी सृजित हुए हैं।
वर्ष 2022-23 में यूपीसीडा के औद्योगिक क्षेत्रों में करीब 1,400 फैक्ट्री पंजीकरण हुए थे। वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर लगभग 3,300 हो गई। यूपीसीडा की एसीईओ दीक्षा जैन के अनुसार, यह बढ़ोतरी प्रदेश में विनिर्माण गतिविधियों के विस्तार और निवेशकों के बीच उत्तर प्रदेश की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती है।
योगी सरकार प्रदेश के सभी क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। इसके तहत एनसीआर के अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में भी नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं। गोरखपुर, संत कबीर नगर और ललितपुर में औद्योगिक क्षेत्रों का विकास किया जा रहा है। ललितपुर में फार्मास्युटिकल पार्क भी तैयार किया जा रहा है।
इसके अलावा एक्सप्रेसवे और प्रमुख राजमार्गों के आसपास करीब पांच नए औद्योगिक क्षेत्रों को मंजूरी दी गई है। प्रदेश के पास 55,000 एकड़ से अधिक का औद्योगिक लैंड बैंक है, जबकि करीब 2,000 एकड़ विकसित भूमि फिलहाल औद्योगिक इस्तेमाल के लिए उपलब्ध है। यूपीसीडा पुराने औद्योगिक क्षेत्रों में भी सड़क, जल निकासी और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बना रहा है। साथ ही, प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं और आसान स्वीकृति प्रक्रियाओं के जरिए निवेशकों को उद्योग स्थापित करने में मदद दी जा रही है।
फार्मा, ऑटो और फूड प्रोसेसिंग पर विशेष फोकस
प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए अलग-अलग उद्योगों की जरूरत के हिसाब से विशेष औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं। ललितपुर के फार्मा पार्क में दवा कंपनियों और उनसे जुड़ी विनिर्माण इकाइयों को आकर्षित करने के लिए जरूरी सुविधाएं तैयार की जा रही हैं।
पीलीभीत के भरा पचपेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में ऑटो और ऑटो-कंपोनेंट उद्योगों को बढ़ावा देने पर जोर है। पंतनगर के सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र से इसकी भौगोलिक निकटता को देखते हुए यहां वाहन उद्योग से जुड़ी कंपनियों के निवेश को आकर्षित करने की रणनीति बनाई जा रही है।
इसके अलावा बहेड़ी में फूड प्रोसेसिंग पार्क और लखीमपुर खीरी के कुंभी में बायोप्लास्टिक पार्क विकसित किया जा रहा है। इन पार्कों से स्थानीय संसाधनों और कौशल को उद्योगों से जोड़ने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
यूपीसीडा निवेशकों को जल्द भूमि उपलब्ध कराने और औद्योगिक परियोजनाओं को गति देने के लिए डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा रहा है। इसके तहत ईआरपी सिस्टम, एआई आधारित एनालिटिक्स, ड्रोन मॉनिटरिंग, ऑनलाइन नीलामी और ‘वन मैप’ जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा रहा है। इससे भूमि प्रबंधन और निवेश से जुड़ी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिल रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के तहत औद्योगिक बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है। नए औद्योगिक क्षेत्र, विशेष पार्क और निवेशकों के लिए आसान प्रक्रियाएं प्रदेश को विनिर्माण केंद्र बनाने के साथ पश्चिमी यूपी, पूर्वांचल और बुंदेलखंड में औद्योगिक विकास को गति देने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।