बरेली: विकास भवन के सभागार में किसानों की भीड़ जुटी थी। मंच पर अधिकारी बैठे थे, सामने उम्मीदों से भरे किसान। हर कोई अपनी समस्या के समाधान की आस में था। हर महीने की तरह इस बार भी किसान दिवस का आयोजन हुआ, लेकिन सवाल वही था क्या इस बार समस्याओं का हल मिलेगा या सिर्फ आश्वासन की चादर बिछेगी सुमेर सिंह, बहेड़ी के एक बुजुर्ग किसान, बैठक में आए थे। उनके चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ दिख रही थीं हमारा गन्ना तो हर साल जाता है, पर भुगतान नहीं आता। बैंक का कर्ज बढ़ रहा है घर के खर्च नहीं चल पा रहे उनकी ही तरह कई किसानों ने शिकायत की कि चीनी मिलें वर्षों से बकाया भुगतान टाल रही हैं। खासकर बहेड़ी शुगर मिल का मामला गंभीर था, जहां किसानों ने आरोप लगाया कि 2010-11 से भुगतान में देरी हो रही है। बैठक में मौजूद मिल प्रतिनिधियों ने फिर एक नई तारीख दे दी 1 जून तक 73 करोड़ का भुगतान। लेकिन किसानों के लिए यह सिर्फ एक और तारीख थी, जो कब हकीकत बनेगी, कोई नहीं जानता।
किसान दिवस में सिर्फ खेतों की ही नहीं, बल्कि महिलाओं की मेहनत की भी बात उठी। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि उन्होंने आईसीडीएस विभाग के लिए पोषाहार आपूर्ति का काम किया, लेकिन अब तक भुगतान नहीं मिला। घर चलाने के लिए हमने यह काम लिया लेकिन अब महीनों से पैसा अटका है। उनके सवाल का जवाब देने को कोई अधिकारी सामने नहीं आया, बस फाइलें पलटने की आवाजें आईं।
बैठक में किसानों ने गांवों में झूलते बिजली के तारों की समस्या उठाई। बारिश और तेज हवाओं में ये कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। बहेड़ी से मुड़िया रोड के चौड़ीकरण की भी मांग उठी। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी ने बताया कि पहले पुल चौड़ा होगा, फिर सड़क बनेगी।
एक और गंभीर मुद्दा था इटौआ गांव के पास किच्छा नदी में हो रहा अवैध खनन। किसानों ने बताया कि इससे सड़कें कमजोर हो रही हैं और बारिश में बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है। अगर सरकार अभी ध्यान नहीं देगी, तो अगले मानसून में हमारा गांव जलमग्न हो जाएगा।
बैठक में सरकारी विभागों के अधिकारी मौजूद थे। कृषि विभाग ने सरकारी योजनाओं की जानकारी दी, बैंक अधिकारियों ने केसीसी लोन के फायदे गिनाए, और बिजली विभाग ने ओटीएस योजना समझाई। लेकिन सवाल यह था क्या ये योजनाएं किसानों की वर्तमान परेशानियों का समाधान कर पाएंगी?
अपर जिलाधिकारी (नगर) सौरभ दुबे ने किसानों को भरोसा दिलाया कि गेहूं क्रय केंद्रों पर किसी भी समस्या के समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर 0581-2422202 और 0581-2428188 जारी किए गए हैं।
लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह किसान दिवस समस्याओं का हल लेकर आया या फिर यह सिर्फ एक और बैठक बनकर रह जाएगी बहेड़ी शुगर मिल का भुगतान, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का हक, बिजली और सड़क की समस्याएं क्या इनका समाधान मिलेगा या अगली बैठक में यही मुद्दे फिर उठेंगे।
किसान आज भी उम्मीद लगाए बैठे हैं। लेकिन यह उम्मीद कब पूरी होगी, इसका जवाब शायद अगली किसान दिवस की बैठक में ही मिलेगा।