उधम सिंह नगर की अलीजा ने अपने जीवन में बड़ा फैसला लेते हुए इस्लाम छोड़कर सनातन धर्म को अपनाया है। तीन तलाक, हलाला जैसी प्रथाओं और महिलाओं के प्रति भेदभाव से परेशान होकर उन्होंने सनातन धर्म की ओर रुख किया। सनातन धर्म अपनाने के बाद अलीजा ने अपना नया नाम मनीषा रखा और राजेंद्र सिंह के साथ सात फेरे लेकर नए जीवन की शुरुआत की।
अगस्त मुनि आश्रम में पूरे रीति-रिवाजों से हुई शादी
यह विवाह थाना सुभाष नगर क्षेत्र के अगस्त मुनि आश्रम में हिंदू रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान मनीषा ने कहा, इस्लाम में महिलाओं को पर्दे में रखने, उनके अधिकारों को सीमित करने और उन्हें सिर्फ बच्चा पैदा करने की मशीन समझे जाने जैसी प्रथाओं से मैं लंबे समय से दुखी थी।
उन्होंने आगे कहा कि सनातन धर्म में महिलाओं को देवी के रूप में सम्मान दिया जाता है, और यही बात उन्हें इस संस्कृति की ओर आकर्षित करती है। उन्होंने यह भी बताया कि अब वे अपने नए जीवन में पूरी तरह खुश और संतुष्ट हैं।
नए जीवन की नई शुरुआत
राजेंद्र सिंह के साथ शादी करने के बाद मनीषा ने कहा कि सनातन धर्म ने उन्हें आत्मसम्मान और स्वतंत्रता दी है। शादी समारोह में कई स्थानीय लोग और आश्रम के सदस्य भी मौजूद थे। आश्रम के पुजारी ने विधिवत मंत्रोच्चार के साथ यह विवाह संपन्न कराया। यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बन गई है।