इंदौर (मध्यप्रदेश), 13 मई (भाषा) ट्रांसपोर्टरों के प्रमुख संगठन ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) ने पश्चिम बंगाल के नये मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को बुधवार को पत्र लिखकर मांग की कि राष्ट्रीय परमिट के आधार पर राज्य से गुजरने वाले वाहनों से ‘विशेष शुल्क’ की वसूली बंद की जाए।
संगठन ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में यह 'विशेष शुल्क' अवैध तौर पर वसूला जा रहा है।
एआईएमटीसी की क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) और यातायात मामलों की समिति के राष्ट्रीय चेयरमैन सीएल मुकाती ने इस बारे में पत्र लिखा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि केंद्र सरकार के 'एक राष्ट्र, एक कर' के सिद्धांत के विपरीत पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय परमिट वाले वाहनों से ‘स्पेशल फी’ (विशेष शुल्क) के नाम से भारी राशि 'अवैध तौर पर' वसूली जा रही है।
पत्र में कहा गया कि ‘डंडा टैक्स’ के नाम कुख्यात इस वसूली के कारण राज्य की छवि धूमिल हो रही है और इससे ट्रांसपोर्टरों पर अनुचित आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
पत्र में मांग की गई है कि विशेष शुल्क की इस वसूली को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए।
मुकाती ने मुख्यमंत्री को अपने पत्र के साथ कम्प्यूटर से निकली 7,040 रुपये की रसीद भी भेजी है जिसे पश्चिम बंगाल सरकार के परिवहन विभाग के नाम से जारी किया गया है।
इस रसीद में मध्यप्रदेश में पंजीकृत एक वाहन से ‘सर्विस/यूजर चार्ज’ और ‘ट्रांजेक्शन फी’ की मद में 20-20 रुपये और ‘स्पेशल फी’ के तौर पर 7,000 रुपये के भुगतान का जिक्र है।
मुकाती ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा,‘‘ऐसी रसीदों में इसका कोई उल्लेख नहीं किया जाता कि विशेष शुल्क किस कानूनी प्रावधान के तहत वसूला जा रहा है।’’
उन्होंने दावा किया कि देश के किसी भी अन्य राज्य में राष्ट्रीय परमिट वाले वाहनों से इस तरह का ‘विशेष शुल्क’ नहीं वसूला जाता।
भाषा हर्ष जितेंद्र
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