Breaking News

केरल CM के नाम का कल होगा ऐलान: जयराम रमेश     |   अमूल ने दूध के दाम दो रुपये प्रति लीटर बढ़ाए     |   बागियों पर AIADMK का बड़ा एक्शन, 29 नेताओं को पद से हटाया     |   अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन पहुंचे     |   पूर्व बाहुबली विधायक विजय मिश्रा को उम्रकैद की सजा     |  

दिल्ली पुलिस ने ओडिशा से लाया गया 80 किलो गांजा जब्त किया, दो गिरफ्तार

नयी दिल्ली, 13 मई (भाषा) दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्कर गिरोह के दो मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से 80.670 किलोग्राम गांजा बरामद किया है।

पुलिस ने बुधवार को बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान हरियाणा के रेवाड़ी निवासी लोकेश भारद्वाज (28) और राजस्थान के भिवाड़ी निवासी अख्तर खान (38) के रूप में हुई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही कार को भी जब्त कर लिया है।

अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) पंकज कुमार ने बताया कि सूचना मिली थी कि राजस्थान के भिवाड़ी से दिल्ली-एनसीआर में गांजे की एक बड़ी खेप पहुंचाई जानी है जिसके बाद पुलिस टीम ने दो मई को आजादपुर सब्जी मंडी के सर्विस लेन के पास जाल बिछाकर संदिग्ध कार को रोका और दोनों आरोपियों को धर दबोचा।

उन्होंने बताया कि कार की तलाशी लेने पर 80.670 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।

कुमार के अनुसार पूछताछ में पता चला कि यह गांजा ओडिशा के सिमिलीगुड़ा से लाया गया था और इसे भिवाड़ी ले जाया जा रहा था जहां से इसे दिल्ली-एनसीआर में भेजा जाना था। आरोपियों ने माना कि वे मौके पर अपने एक साथी को यह नशीला पदार्थ पहुंचाने आए थे।

डीसीपी ने बताया कि दोनों आरोपियों को मामले में गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया तथा उनकी पुलिस रिमांड हासिल की गई।

उनके मुताबिक, आरोपी अख्तर खान को मादक पदार्थ के स्रोत मुख्तार अहमद को पकड़ने के लिए सिमिलिगुड़ा ले जाया गया, लेकिन अहमद फरार है। उसके विरुद्ध आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

अधिकारी ने बताया कि आरोपी लोकेश भारद्वाज को पहले भी 2025 में एनडीपीएस कानून के तहत गिरफ्तार किया गया था और वह फरवरी 2026 में ही जमानत पर बाहर आया था।

उनके मुताबिक, आरोपी अख्तर खान भिवाड़ी में जिम चलाता है और ओडिशा व राजस्थान में नशीले पदार्थों की तस्करी के कई मामलों में शामिल रहा है।

कुमार ने बताया कि अख्तर खान को राजस्थान और ओडिशा में कई बार गिरफ्तार किया जा चुका है और वह ओडिशा के आपूर्तिकर्ताओं तथा दिल्ली के वितरकों के बीच एक कड़ी के रूप में काम करता था।

पुलिस ने बताया कि इस संबंध में अपराध शाखा थाने में एनडीपीएस कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने और वितरण नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच कर रही है।

भाषा नोमान यासिर वैभव

वैभव