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वैष्णव ने मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए तीन बड़ी पहल शुरू कीं

नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को भारत के मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र को मजबूत करने और ‘रचनात्मक अर्थव्यवस्था’ को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तीन प्रमुख पहल शुरू कीं।

इन तीन उपायों में शामिल हैं: भारतीय सृजनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) के माध्यम से गूगल और यूट्यूब की साझेदारी में 'नेशनल एआई स्किलिंग' पहल; 'वेव्स' ओटीटी मंच पर नागरिक रचनाकारों के लिए 'मायवेव्स' पोर्टल; और डीडी फ्री डिश सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए टीवी के भीतर सैटेलाइट ट्यूनर और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक प्रोग्राम गाइड (ईपीजी) की शुरुआत।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य 'ऑरेंज इकॉनमी' को बढ़ावा देना, सार्वजनिक प्रसारण को मजबूत करना और मीडिया एवं मनोरंजन क्षेत्र में कृत्रिम मेधा (एआई) कुशल कार्यबल तैयार करना है।

‘ऑरेंज इकॉनमी’ का अर्थ ‘रचनात्मक अर्थव्यवस्था’ है। इसमें कमाई का मुख्य जरिया कला, संस्कृति, मनोरंजन और डिजिटल कंटेंट जैसे क्षेत्र हैं। सरल शब्दों में अपने हुनर और मौलिक विचारों के जरिये आर्थिक लाभ कमाना।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रौद्योगिकी को आम लोगों तक पहुंचाने के दृष्टिकोण पर जोर देते हुए वैष्णव ने कहा कि इन पहल से प्रौद्योगिकी अधिक सस्ती और उस तक पहुंच और आसान हो जाएगी। उन्होंने कहा कि टीवी के भीतर ही लगे सैटेलाइट ट्यूनर की मदद से अब नागरिक बिना किसी अलग सेट-टॉप बॉक्स के सीधे प्रोग्राम देख सकेंगे।

मंत्री ने 'नेशनल एआई स्किलिंग' पहल के तहत यूट्यूब के सहयोग से लगभग 15,000 युवाओं को मुफ्त प्रशिक्षण देने की भी घोषणा की। उन्होंने देशभर के कंटेंट बनाने वालों से भारत की शानदार संस्कृति और क्षेत्रीय विविधता को दिखाने के लिए दूरदर्शन और 'मायवेव्स' जैसे मंचों का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने की अपील की।

भाषा सुमित अजय

अजय