देश भर में एक अप्रैल से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 लागू हो जाएगा। इस नियम में कई नए प्रावधान होंगे। नए नियमों में अपशिष्ट को गीले, सूखे, स्वच्छता से जुड़े और खास वर्गों में अलग करना अनिवार्य होगा। प्रदूषण फैलाने वालों से भारी जुर्माना लेने का प्रावधान होगा। नए नियमों से देश में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस बदलाव आने की उम्मीद की जा रही है।
भारी मात्रा में अपशिष्ट पैदा करने वालों के लिए जिम्मेदारियां तय की गई हैं। नए नियमों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के सभी चरणों पर नजर रखने के लिए केंद्रीकृत ऑनलाइन पोर्टल का भी प्रावधान है। हालांकि, जानकार इस बात पर जोर देते हैं कि बेहतर असर के लिए जमीनी स्तर पर काम करना जरूरी है।
पर्यावरणविदों ने नए नियमों की तारीफ की और नए मानदंडों का स्वागत किया। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि इसकी कामयाबी असरदार तरीके से लागू करने पर निर्भर करेगी। नए नियमों में सभी अपशिष्ट प्रसंस्करण सुविधाओं का ऑडिट अनिवार्य है। रोजाना पांच टन से ज्यादा क्षमता वाली सुविधाओं के लिए कुल क्षेत्रफल के भीतर बफर जोन जरूरी है। कुल मिलाकर ये देखना होगा कि इन प्रावधानों को जमीनी स्तर पर कितने असरदार तरीके से लागू किया जाता है।
1 अप्रैल से देशभर में नए कचरा प्रबंधन नियम लागू, सख्ती के साथ जुर्माने का प्रावधान
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