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ठांगर गांव में 7 वर्षीय बच्चों पर गुलदार ने किया जानलेवा हमला

जनपद यमकेश्वर विधानसभा के विकासखंड द्वारीखाल के ठांगर गांव में गुलदार ने एक 7 वर्षीय बच्चे पर हमला कर दिया। घायल बच्चे को आनन फानन में उपचार के लिए हंस फाउंडेशन चमोलीसैंण सतपुली लाया गया। जहां से उसे एम्स के लिए रेफर कर दिया गया है। 7 वर्षीय कार्तिक कुमार अपनी 4 वर्षीय छोटी बहन माही के साथ सोच के लिए गया था। इसी दौरान गुलदार ने अचानक कार्तिक पर हमला कर दिया। बच्चों के ताऊ कुलदीप ने साहस का परिचय देते हुए किसी तरह से गुलदार के जबड़े से कार्तिक को छुड़ाया।

कार्तिक के पिता मोहन सिंह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं जो की घर से अन्यत्र कहीं गए हुए थे। बताया कि मोहन सिंह के घर में शौचालय न होने के कारण सभी लोग सोच के लिए घर से बाहर जाते हैं। ऐसे में सुबह लगभग 7:00 बजे के करीब सोच के लिए जाते वक्त बच्चों के साथ घटना घटित हो गई।

परिजनों द्वारा घायल कार्तिक को हंस फाउंडेशन चमोलीसैंण सतपुली चिकित्सालय में उपचार के लिए भर्ती कराया गया जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे एम्स के लिए रेफर कर दिया गया। गांव के पूर्व प्रधान सुबोध नेगी ने बताया कि घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। उन्होंने पीड़ित परिवार को मुआवजा दिए जाने के साथ क्षेत्र को दहशत से निजात दिलाने को लेकर वन विभाग की टीम द्वारा गस्त के साथ क्षेत्र में पिंजरा लगाते हुए गुलदार को कैद करने की मांग की। तो वहीं द्वारीखाल प्रमुख महेंद्र राणा ने पीड़ित परिवार के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया साथ ही वन महकमे से क्षेत्र में मानव वन्य जीव संघर्ष की घटना पर अंकुश लगाने के लिए कदम उठाने की मांग की।

मामले में जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने वन विभाग को लोगों की सुरक्षा के लिए कदम उठाने के निर्देश दिए हैं इसके साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से गुलदार प्रभावित क्षेत्र के विद्यालयों से भी रिपोर्ट मांगी गई है की कौन से विद्यालय संवेदनशील है। जहां अवकाश देना अनिवार्य होगा। जिलाधिकारी ने पीड़ित परिवार को तत्काल मुआवजा दिए जाने के भी निर्देश दिए हैं। कहा कि प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की जा रही है।