Uttar Pradesh: नौ साल पहले 2016 में शुरू की गई मोदी सरकार की उज्ज्वला योजना ने देश के लाखों परिवारों के जीवन को बदल दिया है। देश भर के ग्रामीण घरों को धुंआ मुक्त बनाने के लिए शुरू की गई ये पहल बेहद कामयाब साबित हो रही है। इससे स्वच्छ ईंधन को भी बढ़ावा मिल रहा है।
इस योजना के तहत लाभार्थियों को मुफ्त गैस कनेक्शन, एक सिलेंडर और एक गैस चूल्हा दिया जाता है। इससे घरों में खाना पकाने के लिए लकड़ी और गोबर जैसे पारंपरिक ईंधनों से दूरी बनाई जाती है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होली और रमजान के मौके पर 1.86 करोड़ परिवारों को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर वितरित किए।
मुख्यमंत्री व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उन लोगों तक पहुंचे, जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में लगभग दो करोड़ परिवार उज्ज्वला योजना का लाभ ले रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी ने त्योहारों के दौरान भी मुफ्त गैस सिलेंडर की व्यवस्था सुनिश्चित की और उन्होंने 2022 के चुनावी वादे के तहत होली और दिवाली पर मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने का वादा पूरा किया।
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। गरीब परिवार भी पारंपरिक मिट्टी के चूल्हों के बजाय अब उज्जवला योजना की मदद से गैस पर खाना बना रहे हैं। उज्ज्वला योजना के जरिए अब रसोई में गैस सिलेंडर हैं। एलपीजी से खाना पकाने से सांस की बीमारियों मैं कमी आती है और समय की बचत होती है।।
उज्ज्वला योजना ने देश भर में 10 करोड़ परिवारों को स्वच्छ ईंधन और बेहतर जीवन जीने में मदद की है। राज्यों की बात करें तो सबसे ज्यादा लाभार्थी उत्तर प्रदेश में ही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में एक बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। उज्ज्वला योजना की कामयाबी इस बदलाव की जीती जागती मिसाल है।