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मानसून सीजन में पांचवीं बार बढ़ा गंगा और यमुना नदी का जलस्तर, बढ़ीं लोगों की मुश्किलें

Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा और यमुना के किनारे रहने वाले लोगों को कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है। इस मानसून सीजन में पांचवीं बार कई निचले इलाके पानी में डूब गए है। ऊपरी इलाकों में बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण दोनों नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। लोगों को डर है कि हालात और भी खराब हो सकते हैं और शहर को चार दशक से भी ज्यादा वक्त पहले जैसी बाढ़ का सामना करना पड़ सकता है।

कई इलाके पानी में डूबे हुए हैं और जमा पानी से जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि रोजाना पानी से भरी सड़कों से गुजरना मुश्किल हो रहा है। आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। खासकर छात्रों और दफ्तर जाने वालों को काफी परेशानी हो रही है। हैरान-परेशान लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर वे करें तो क्या करें। उनकी शिकायत है कि बार-बार आश्वासन देने के बावजूद प्रशासन उनकी मुश्किलों का कोई स्थायी हल नहीं ढूंढ पाया है।

गंगा और यमुना नदी के प्रवाह वाले कई इलाकों में मानसून अब भी सक्रिय है। ऐसे में प्रयागराज के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को डर है कि मानसून सीजन खत्म होने से पहले उन्हें फिर से बाढ़ जैसे हालातों का सामना करना पड़ सकता है।